सेवा विस्तार की मांग:सुविवि में 327 अशैक्षणिक कर्मी दूसरे दिन भी हड़ताल पर, परीक्षा व काउंसलिंग के काम ठप

सुखाड़िया विश्वविद्यालय के 327 अशैक्षणिक कर्मचारी नियमानुसार सेवा विस्तार की मांग को लेकर दूसरे दिन शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। करीब 300 अशैक्षणिक कर्मचारियों के दल ने सुविवि के प्रशासनिक भवन का घेराव कर विरोध-प्रदर्शन किया। सुविवि प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इन कार्मिकों के हड़ताल पर जाने से सुविवि प्रशासन सहित भी संघटक कॉलेज की प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गई हैं। काउंसलिंग प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की जांच-पड़ताल, प्रवेश प्रक्रिया से संबंधित दस्तावेजों की जांच-पड़ताल, परीक्षा संबंधी काम-काज ठप हो गए हैं। खास बात यह है कि सभी अशैक्षणिक कार्यों का ऑनलाइन इंद्राज अशैक्षणिक कार्मिकों के माध्यम से ही संचालित किया जाता है। विद्यार्थियों की समस्याओं और समाधानों का लेखाजोखा भी इन्हीं के माध्यम से संधारित किया जाता है। हालांकि विवि प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था के तहत काम चलाने और कामकाज प्रभावित नहीं होने का दावा कर रहा है। कर्मचारी बोले- विवि प्रशासन धोखा देना चाह रहा, मंजूर नहीं
कर्मचारियों की मांग है कि उनका सेवा विस्तार 1 जनवरी, 2025 से राजस्थान कांट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल-2022 के तहत या एसएफएबी के तहत यथावत किया जाए। दिसंबर का बकाया वेतन दिलाने की भी मांग की गई। आक्रोशित कर्मचारियों ने प्रशासनिक भवन का दरवाजा बंद कर दिया। कहा कि सभी अशैक्षणिक कर्मचारी 3 से लेकर 20 वर्षों से सेवाएं देते आ रहे हैं। ज्यादातर की औसत आयु 45 साल है। इनका सेवा विस्तार नहीं करके 6 माह से परेशान किया जा रहा है। विवि प्रशासन प्लेसमेंट एजेंसी के जरिए सेवा विस्तार कर धोखा देने के प्रयास में है। ये स्वीकार नहीं है।

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