शहर में मुख्यमंत्री सेहत योजना ने रफ्तार पकड़ ली है। शनिवार से सेहत कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू होते ही शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों की दिलचस्पी साफ नजर आई। जिले में कुल 345 सीएससी सेंटर बनाए गए हैं, जहां सेहत कार्ड बनाए जा रहे हैं और जरूरत के अनुसार इनकी संख्या आगे और बढ़ाई जाएगी। प्रशासन का साफ कहना है कि कार्ड बनवाने में अगर किसी तरह की आईडी से जुड़ी समस्या आती है तो उसे मौके पर ही सुलझाया जाएगा, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे। योजना के तहत लुधियाना जिले में फिलहाल 100 अस्पतालों को जोड़ा गया है, जिनमें 18 सरकारी और 82 निजी अस्पताल शामिल हैं, जबकि आने वाले समय में यह संख्या और बढ़ेगी। सेहत योजना की खास बात यह है कि जिन लोगों को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, उनका सेहत कार्ड प्राथमिकता के आधार पर बनाया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि ऐसे मरीजों को इलाज में देरी न हो, इसलिए उन्हें पहले कवर किया जा रहा है। यह कार्ड किसी भी पात्र व्यक्ति द्वारा बनवाया जा सकता है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा। लुधियाना के शहरी और ग्रामीण इलाकों में वार्ड और गांव स्तर पर सीएससी सेंटरों पर नियमित कैंप लगाए जा रहे हैं, जो सप्ताह के सातों दिन सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजाब सरकार हर परिवार को सालाना ₹10 लाख तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध करा रही है। इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बीमारी के कारण किसी परिवार को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। योजना के अंतर्गत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में गंभीर बीमारियों, सर्जरी, जांच, भर्ती और इलाज से जुड़ी सभी सेवाएं पूरी तरह कैशलेस हैं। खास बात यह है कि पहले से मौजूद बीमारियां भी इस योजना में कवर की गई हैं, जिससे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिली है। राज्यभर में करीब 900 से अधिक सरकारी और निजी अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए हैं।


