भास्कर न्यूज | अमृतसर सेहत विभाग के ड्रग विंग ने मजीठा रोड के गोपाल नगर स्थित एक मेडिकल स्टोर में पर छापेमारी की। इस दौरान टीम ने खामियां पाई। जिसके बाद जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी को केस फारवर्ड कर दिया गया है। वहां से मेडिकल स्टोर को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर सुखदीप सिद्धू को सूचना मिली थी कि देवगण मेडिकोज में अवैध तरीके से दवाएं बेची जा रही हैं। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर बबलीन कौर की अगुवाई वाली टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। मेडिकल स्टोर का संचालक मनजीत सिंह दवाइयां दे रहा था, जोकि गैर कानूनी है। नियम के मुताबिक दवा देने के लिए फार्मासिस्ट होना अनिवार्य है। वह भी एप्रैन में होना चाहिए और उस पर नेम प्लेट भी लगी होनी चाहिए, लेकिन वहां फार्मासिस्ट नहीं था। संचालक ने पूछताछ में बताया कि फार्मासिस्ट सुनील किसी काम से बाहर गया है। मेडिकल स्टोर पर लाइसेंस भी डिस्प्ले नहीं किया गया था। शैड्यूल एच वन का रजिस्टर भी नहीं दिखा पाए। जबकि एच वन का रजिस्टर मेंटेंन करना भी जरूरी है। यह दवाइयां डाक्टर की पर्ची के बिना मरीज को नहीं दी जा सकतीं। स्टोर की ओर से दवाइयों की खरीद और बिक्री का रजिस्टर मेंटेंन नहीं किया गया था। मेडिकल स्टोर में फिजिशियन सैंपल रखे गए थे। दवाओं के यह सैंपल डॉक्टरों की ओर से मरीजों को नि:शुल्क उपलब्ध करवाए जाते हैं, मगर यहां बेचे जा रहे थे। वह उन सैंपल का प्रूफ भी नहीं दिखा पाए कि यह सैंपल यहां क्यों पड़े हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सुखदीप सिद्धू ने बताया कि शोकॉज नोटिस जारी होने के बाद 7 दिन में खामियां दूर न की गई तो विभाग की ओर से ड्रग एंड कास्मेटिक एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए लाइसेंस सस्पेंड किया जाएगा। इसके साथ मेडिकल स्टोर को सील भी किया जाएगा।


