राजन गोसाईं | अमृतसर दवा निर्माता कंपनी किस फार्मा कंपनी को अमृतसर या पंजाब के किसी भी अन्य जिले में कितनी ट्रामाडोल और टिपेंटाडोल नामक नशीली दवा सप्लाई कर रही है इसका कोई रिकार्ड सेहत विभाग के पास नहीं है। अगर कोई कंपनी शहर में रोजाना एक फार्मा कंपनी को 50 हजार गोलियां रोजाना सप्लाई कर रही है, तो उसकी जानकारी जोनल लाइसेंस अथारिटी या जिले में तैनात ड्रग कंट्रोल इंस्पेक्टरों को नहीं दी जाती। इतना ही नहीं, पंजाब सरकार ने 2019 में उक्त दोनों नशीले ड्रग पर कंट्रोल करने के लिए नियम कड़े किए और इनकी बिक्री के लिए लाइसेंस लेना आवश्यक किया था। सेहत विभाग के सूत्रों के अनुसार, अमृतसर में 125 होलसेल और रिटेल की केमिस्ट की दुकानें ऐसी हैं, जिनके पास इन नशीली गोलियों को रखने का लाइसेंस है। हालांकि कलोंजिपाम नामक नशीली दवा डाक्टर और केमिस्ट दूसरे लाइसेंस पर अपने पास रख सकते हैं। इतना ही नहीं, 2019 में पंजाब सरकार ने इन नशीली गोलियों का इस्तेमाल नशे के लिए करने के मामले सामने आने के बाद इन पर कंट्रोल रखने के लिए सख्त नियम लागू कर दिए। जिसके तहत इन नशीले ड्रग को खरीदने और बेचने के लिए लाइसेंस लेना हर केमिस्ट के लिए जरूरी कर दिया। इसके बाद फार्मा कंपनियों ने दवा निर्माता कंपनियों से यह दवाएं मंगवाने और बेचने के लिए लाइसेंस हासिल किया, जिसके तहत फार्मा कंपनी सिर्फ 50 हजार गोलियां ही स्टोर और बेच सकती है। लेकिन इसके साथ ही नियम के अनुसार फार्मा कंपनी यह गोलियां सिर्फ उसी केमिस्ट शॉप या अस्पताल को बेचेंगी, जिसके पास इसे खरीदने का लाइसेंस होगा, वह भी सिर्फ एक समय अधिकतम 500 गोलियों का। हैरानी की बात यह है कि दवा कंपनियों और फार्मा कंपनियों के खरीद-फरोख्त के लिए दिए जाने वाले आर्डर और सप्लाई की जानकारी विभाग को न तो अब तक दी जाती रही है और न ही विभाग की ओर से कभी मांग की गई है। हां, 2 या 3 माह बाद फार्मा कंपनियां खुद अपने सेल आर्डर और स्टॉक की जानकारी विभाग को देते हैं। केमिस्ट शॉप पर बिकने वाली दवाओं पर निगरानी के लिए अमृतसर जिले में 5 ड्रग कंट्रोल इंस्पेक्टरों की जरूरत है, लेकिन यहां सिर्फ दो ड्रग इंस्पेक्टर ही तैनात हैं। जिनके पास अन्य कामों का भी अतिरिक्त बोझ होने के चलते कथित तौर पर नशीली दवाओं का गोरखधंधा चल रहा है। विभाग के अधिकारी ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले 40 दिन में विभाग की ओर से 90 दुकानों पर छापेमारी कर 71 लाख रुपए की नशीली और अन्य प्रतिबंधित दवाएं बरामद की है।


