सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजीटल अरेस्ट से बचाया:क्राइम ब्रांच ने इनपुट मिलने पर की कार्रवाई, डीएचएल अफसर बन की थी बात

इंदौर क्राइम ब्रांच ने डिजीटल अरेस्ट मामले में एक सॉफ्टवेअर इंजीनियर का रेस्क्यू किया है। इंजीनियर ने खुद को तीन दिन तक कमरे में बंद किया था। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई की है। एडीशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, उन्हें मोहित मोर्य के दोस्त ने जानकारी दी थी कि तीन दिन से उसके दोस्त की जानकारी नहीं लग रही। वह किसी का कॉल भी रिसीव नहीं कर रहा। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने उसका नंबर ट्रेस किया। पुलिस उस तक पहुंची, तो उसने बताया कि एक डीएचएल कंपनी का अफसर बनकर स्काइप कॉल के माध्यम से आरोपी ने उसे डिजीटल अरेस्ट किया था। आरोपियों को 1 लाख रुपए वह लोन लेकर दे चुका था। आरोपियों ने उसके तीन बैक अकाउंट की जानकारी मांगी थी। पुलिस ने इस मामले में आरोपी का फोटो निकाला। बताया जाता है कि उस पर 30 हजार का इनाम घोषित किया गया है।

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