भास्कर न्यूज | सोनहत ब्लॉक मुख्यालय सोनहत के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पटरी से उतर गई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कोरिया के आदेश के बावजूद सोनोग्राफी चिकित्सक अपनी सेवाएं देने अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। इसका खामियाजा क्षेत्र की उन प्रसूति महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें सोनोग्राफी के लिए मीलों दूर भटकना पड़ता है। लगभग 6 माह पूर्व सीएमएचओ कोरिया ने डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा को सोनहत सीएचसी में प्रत्येक माह की 10 और 25 तारीख को सोनोग्राफी सेवा देने के लिए विशेष रूप से आदेशित किया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले आधे साल में डॉक्टर ने एक दिन भी अस्पताल आकर मरीजों की जांच नहीं की। प्रशासनिक आदेश की इस कदर अवहेलना से स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। डॉ. श्रेष्ठ मिश्रा इससे पहले सोनहत सीएचसी में ही बीएमओ के पद पर पदस्थ थे। उस दौरान भी उन पर मुख्यालय में न रहने और मनमर्जी से अस्पताल आने के आरोप लगे थे। ग्रामीणों और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला था। जिला पंचायत सदस्य सुरेश सिंह को भी उन्हें हटाने के लिए जिला प्रशासन से शिकायत करनी पड़ी थी। लगातार शिकायतों के बाद उन्हें सोनहत से हटाकर पटना सीएचसी का प्रभारी बीएमओ बना दिया गया, लेकिन सोनोग्राफी के लिए उनकी ड्यूटी सोनहत में बरकरार रखी गई, जिसका वे पालन नहीं कर रहे हैं। सीएमएचओ डॉ. प्रशांत सिंह ने कहा, पिछले माह 25 दिसंबर को छुट्टी थी, इसलिए डॉक्टर नहीं आ सके। इस माह से वे नियमित रूप से सोनोग्राफी सेवा देने के लिए सोनहत आएंगे।


