दतिया में कड़ाके की ठंड के बीच सोमवार को सनकुआं धाम में साल की अंतिम सोमवती अमावस्या के अवसर पर 7,000 से ज्यादा श्रद्धालुओं ने सिंध नदी में स्नान किया। श्रद्धालुओं ने अपने पूर्वजों के मोक्ष के लिए पिंडदान और तर्पण किया। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए थे। सुबह 4 बजे से शुरू हुआ स्नान सेवढ़ा एसडीओपी अखलेश पुरी गोस्वामी ने बताया कि श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही सिंध नदी के तट पर जुटने लगे थे। दिनभर यह सिलसिला जारी रहा। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। धार्मिक महत्व और परंपरा दरअसल, सनकुआं धाम पर सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान से सुख-शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। महिलाएं पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा कर अपने परिवार की खुशहाली की कामना करती हैं। सुरक्षा को लेकर प्रशासन पहले से सतर्क था। एक दिन पहले ही सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया था। श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और शांति बनाए रखने के लिए पुलिसकर्मी पूरे दिन तैनात रहे।


