धुर्वा स्थित ऐेतिहासिक जगन्नाथपुर मंदिर तक जाने वाली सड़क बारिश के दौरान धंस गई थी। अभी तक सड़क की मरम्मत नहीं की गई है। सड़क धंसने के कारणों की जांच सोसाइटी ऑफ जियो साइंटिस्ट्स की टीम ने किया। आईआईटी एलुमनी सोसाइटी के वीके. जैन के नेतृत्व में सोसाइटी की टीम ने जांच रिपोर्ट मंदिर कमेटी को सौंप दी है। सोसाइटी के डॉ. अनल सिन्हा ने बताया कि सड़क धंसने के विभिन्न बिंदुओं पर जांच की गई। रिपोर्ट में बताया गया है कि जगन्नाथपुर मंदिर जिस ऊंचाई पर स्थित है, वहां तक पहुंचने वाले रूट के नीचे का पत्थर और मिट्टी सड़क के लिए अनुकूल है। सड़क धंसने की सबसे बड़ी वजह यह है कि सड़क का निर्माण दो से तीन फेज में हुआ था। सड़क बनने के बाद उसका रख-रखाव सही तरीके से नहीं होने के कारण साइड वॉल की मिट्टी धंस गई। पानी का रिसाव और वाहनों के दबाव से सड़क के किनारे की दीवार धंस गई। इस वजह से मानसून के दौरान पक्की सड़क धंस गई है। कमेटी ने इसका समाधान भी बताया है। सोसाइटी ऑफ जियो साइंटिस्ट्स ने बताए तीन समा सड़क धंसन से वाहनों के ऊपर जाने से रोका जगन्नाथपुर मंदिर से जाने वाले रूट में सड़क धंसने के बाद मंदिर के मुख्य द्वार तक चार पहिया वाहनों को ले जाने पर रोक लगा दी गई है। पहले मंदिर के पीछे तक वाहन पहुंच जाता था, लेकिन अब बीच रास्ते में घेराबंदी करके रास्ते को ब्लॉक कर दिया गया है। दाईं तरफ पार्किंग बनाई गई है, ताकि वाहन ऊपर न जा सकें। इससे सड़क पर वाहनों का दबाव तो कम हो गया है। इसके बावजूद खतरा बना हुआ है। जल्द कार्य शुरू होगा रिपोर्ट में जो सुझाव दिए गए हैं, हम उसी आधार पर आगे बढ़ेंगे। आरसीडी के द्वारा डीपीआर बनाई जा रही है। जैसे ही वह बन जाएगी कार्य शुरू हो जाएगा। इस रोड के क्षतिग्रस्त होने के कारण श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। बुजुर्ग मंदिर तक नहीं आ पा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा। सुंधाशु नाथ शाहदेव, जगन्नाथपुर मंदिर के प्रथम सेवक


