ब्यावर में स्कूली छात्राओं से रेप और ब्लैकमेल करने के 6 आरोपियों को पेशी के दौरान कोर्ट में वकीलों ने पीटा। पुलिस बड़ी मुश्किल से आरोपियों को बचाकर ले गई। इससे पहले कोर्ट ने आरोपियों को 4 दिन के रिमांड पर भेज दिया। एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेज दिया। मामले में 6 आरोपियों रिहान मोहम्मद (20), सोहेल मंसूरी (19), लुकमान उर्फ सोहेब (20), अरमान पठान (19) , साहिल कुरैशी (19) और अफराज (18) को गिरफ्तार किया है। वहीं 1 नाबालिग को डिटेन किया है। 3 लड़कियों के घरवालों ने सामूहिक रूप से दी थी। गिरोह के पास हमारी बेटियों के अलावा अन्य नाबालिग लड़कियों के फोटो और वीडियो है, जिससे उनको ब्लैकमेल किया जा रहा है। अन्य लड़की से संपर्क कराने पर इन्हें छोड़ने का झूठा आश्वासन दिया जाता है। डीएसपी सज्जन सिंह ने बताया- 16 फरवरी को तीन मुकदमे दर्ज हुए थे। परिजनों ने बताया गया था कि कुछ युवक बेटियों से मोबाइल फोन पर संपर्क कर दबाव डालकर रेप करते हैं। जिस पर मुकदमा दर्ज कर टीम का गठन किया गया और 7 को पकड़ा था, जिसमें एक नाबालिग है। आरोपियों से पूछताछ की जाएगी, जो भी तथ्य सामने आए हैं, उन सभी तथ्यों को लेकर जांच जारी है। फोटोज में जानिए-कैसे चला घटनाक्रम… सरकारी वकील रूपेंद्र परिहार ने बताया- अभियोजन पक्ष ने आरोपियों से पूछताछ के लिए 7 दिन का पीसी मांगा था। कोर्ट को बताया गया कि अभियुक्तों ने पीड़िताओं को मोबाइल और खिलौने दिए। वह मोबाइल कहां से और किस दुकान से खरीदे गए। पीड़ितों को अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आरोपियों ने उनके अश्लील फोटो-वीडियो किन-किन व्यक्तियों को भेजे। उसकी जांच की जानी है। आरोपी किस-किस होटल और कैफे में पीड़िताओं को लेकर गए। उसकी जांच की जानी है। इसके लिए सात दिन का पीसी रिमांड मांगा। जिस पर कोर्ट ने चार दिन का पुलिस कस्टडी में भेजा है। धमकियां देकर मिलने का दबाव बनाते थे
गिरोह में शामिल आरोपी लड़कियों को अपने जाल में फांस रहे हैं। उन्हें छोटे-छोटे खिलौने और मोबाइल जैसे प्रलोभन देकर फंसा रहे थे। ये लोग धमकियां देकर मिलने का दबाव बनाते थे। उनके साथ जबरदस्ती कैफे में चलने और उनकी पसंद के कपड़े पहनने के लिए दबाव बनाते थे। आरोपी शारीरिक शोषण के लिए लड़कियों को एक-दूसरे की सहेलियों से मिलवाने का दबाव बनाते थे। मना करने पर घरवालों को जान से मारने की धमकियां भी दी थी। आरोपियों का अजमेर ब्लैकमेल कांड जैसा ही तरीका
सभी आरोपियों का नाबालिग बच्चियों को फंसाने और शिकार करने का तरीका साल 1992 में हुए अजमेर ब्लैकमेल कांड के आरोपियों के तरीके जैसा ही था। यहां भी आरोपियों ने एक ही प्राइवेट स्कूल की बच्चियों को टारगेट कर रखा था। दरअसल इन सभी बच्चियों के स्कूल आने-जाने का रास्ता कुछ आरोपियों के मोहल्ले के पास से होकर गुजरता था। आरोपियों ने इसका ही फायदा उठाया था। …. स्कूली गर्ल्स से रेप से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… स्कूल गर्ल्स से रोजा रखवाते-कलमा पढ़वाते रेपिस्ट:अश्लील वीडियो से धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेल कर रहा था गिरोह; कोई आरोपी मजदूर, कोई वेल्डिंग करने वाला जब बच्ची स्कूल जाती तो उसे रास्ते में रोक लेते। उसके साथ जबरदस्ती करते। दबाव बनाते कि हमारे साथ कैफे और होटलों में घूमने चलो। कलमा पढ़वाते। रोजा रखवाते। ये दर्द है राजस्थान में ब्यावर के बिजयनगर शहर में धर्मांतरण गिरोह की दरिंदगी का शिकार हुई एक बच्ची के परिजनों का। पढ़ें पूरी खबर… मोबाइल देकर 4-5 नाबालिग लड़कियों से रेप:ब्यावर में लोगों ने थाना घेरा; परिजनों का आरोप- धर्मांतरण के लिए ब्लैकमेल कर रहा गिरोह
ब्यावर जिले में मोबाइल देकर 4-5 नाबालिग लड़कियों से रेप का मामला सामने आया है। परिजनों ने आरोप लगाया- यह एक गिरोह है, जिसमें शामिल आरोपियों ने नाबालिग बच्चियों के साथ रेप किया। लड़कियों के अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए और ब्लैकमेल कर रहे हैं। जबरन कलमा पढ़ने, रोजा रखने और धर्मांतरण के लिए विवश किया जा रहा है। मामला बिजयनगर थाना इलाके का है। पढ़ें पूरी खबर…


