बुरहानपुर जिले के पीएम श्री हाईस्कूल हैदरपुर में शनिवार को मिट्टी परीक्षण पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कृषि अधिकारी सोनाली कमले ने विद्यार्थियों को मिट्टी के नमूने लेने की विधि समझाई। मिट्टी की क्वालिटी चेक कराने, नमूना ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी, किसान मित्र के माध्यम से या स्वंय किसान परीक्षण के लिए मिट्टी परीक्षण लैब में भेज सकते हैं। मिट्टी परीक्षण के लाभ -1. उर्वरकों का संतुलित उपयोग होता है। 2. सलाह अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग होने से लागत में कमी। 3. उर्वरकों का उचित उपयोग होने से उत्पादन में वृद्धि होती है। 4. सलाह अनुसार संतुलित उर्वरक उपयोग होने से उर्वरकों की बचत होती है। नमूना लेते समय सावधानियां -1. नमूना सूखे और खाली खेत से लेना चाहिए। 2. ढलान के आखरी से और गड्ढे से नमूना न लें। 3. नमूना मेड़ से 2-3 फीट की दूरी रख कर लेना चाहिए। 4. वृक्षों के पास से, सिंचाई नाली के पास से और खाद और उर्वरक के ढेर वाले स्थान से नमूना न लें। 5. सूक्ष्म तत्वों की जांच के लिए नमूना लकड़ी या स्टील के औजार से लेना चाहिए और मिलाने के लिए लोहे के बर्तन का उपयोग नही करना चाहिए। कृषि विभाग राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ‘पीएम श्री स्कूल सॉइल हेल्थ मिशन’ के अंतर्गत ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इनका मुख्य उद्देश्य विश्व मृदा दिवस के उपलक्ष्य में बच्चों के माध्यम से किसानों तक मिट्टी परीक्षण संबंधी जानकारी पहुंचाना है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व, मिट्टी को प्रदूषण मुक्त रखने के तरीके और अधिक उत्पादन प्राप्त करने के उपायों के बारे में बताया गया। साथ ही, रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग के दुष्परिणामों की भी जानकारी दी गई, ताकि बच्चे अपने घर जाकर परिजनों और किसानों को मिट्टी के सही उपयोग और संरक्षण के प्रति जागरूक कर सकें। इस अवसर पर कृषि विस्तार अधिकारी महेंद्र चौबे और कृषि विज्ञान केंद्र सांडस कला के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. संदीप सिंह सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।


