जिला निष्पादन समिति की बैठक जिला कलक्टर कमर चौधरी की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। जिसमें शिक्षा विभाग की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर शाला संबलन के तहत निरीक्षण में पिछड़ने पर 12 शिक्षा अधिकारियों को नोटिस प्रदान किये गये। उन्होंने कहा कि सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं में लक्ष्यों के अनुरूप कार्य नही करने को गम्भीरता से लिया जाएगा। उन्होंने जिले में विद्यालयों के निर्माण कार्य, जर्जर विद्यालयों एवं आधारभूत संरचनाओं की समीक्षा कर सभी निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा कराने एवं पेयजल, विद्युत व छात्र-छात्राओं को अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था प्रत्येक विद्यालय में करने के निर्देश दिए। साथ ही जनवरी महीने में विभाग की सभी योजनाओं में प्रदेश में अग्रणी रहने के लिए टीम भावना से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शैक्षणिक सुधार हेतु सभी शिक्षा अधिकारी टीम भावना के साथ कार्य करें। जिससे विद्यार्थियों को गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा सुलभ हो सके। उन्होंने इंस्पायर अवार्ड योजना के तहत जिले में विज्ञान एवं नवाचार में रूचि रखने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने, नवाचार अपनाकर शिक्षा में पिछड़ने वाले विद्यार्थियों को विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम जिले में उन्नत रहे, इसके लिए अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित करे। जिले में सभी आईसीटी लैब नियमित रूप से संचालित होकर विद्यार्थियों को आईटी से संबंधित जानकारी दे। उन्होंने पीएमश्री विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं एवं शैक्षणिक सुधार के लिए किये जा रहे नवाचारों की भी समीक्षा की। बैठक में अतिरिक्त कलेक्टर प्रशासन घनश्याम शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी अनित कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक सुरेन्द्र गोपालिया, प्रारंभिक अतुल चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे। इनकों मिले नोटिस:- शाला संबलन के अन्तर्गत विद्यालयों के निरीक्षण में पिछडने पर 12 शिक्षा अधिकारियों को जिला कलक्टर के निर्देश पर 17 सीसीए के नोटिस जारी किये गए। इनमें प्रदीप कुन्तल, सुनीता तेहरिया, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रा. राजेश कुमार शर्मा, एसीबीईओ बयाना रामलखन खटाना, एसीबीईओं वैर रामरतन, पीओ समसा भरतपुर सुरेन्द्र कुमार, आरपी भुसावर अजय कुमार पाण्यडे, हरिओम मीणा, नदबई हरीश चौधरी, सेवर भूपेन्द्र सिंह, वैर महेश कुमार को नोटिस जारी किये गए है। इस के साथ ही 37 पीओ स्तर के अधिकारी को नोटिस जारी किये गए है। जिनमें बयाना के 10, भुसावर के 6, नदबई के 3, रूपवास के 7, सेवर के 2, उच्चैन के 2 एवं वैर क्षेत्र के 7 पीओ है।


