कोरबा में आम आदमी पार्टी ने स्कूलों के युक्तियुक्तकरण के विरोध में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। 11 जुलाई को पार्टी ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार शिक्षा के मोर्चे पर विफल रही है। युक्तियुक्तकरण के नाम पर सरकार ने हजारों स्कूलों को बंद कर दिया है। इससे कई स्कूल शिक्षक विहीन हो गए हैं। सरकार 63 हजार शिक्षकों के पदों को भरने में नाकाम रही है। पार्टी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को नौकरी न देनी पड़े, इसलिए 10 हजार स्कूल बंद किए गए हैं। पार्टी ने इस प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है। आप के सौंपे ज्ञापन के मुताबिक, युक्तियुक्तकरण के तहत स्कूलों को आपस में मिलाया गया। शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया। इसका नतीजा कई जगहों पर नकारात्मक रहा है। छात्रों को अब 3-5 किमी दूर स्कूल जाना पड़ रहा है। इससे बालिकाओं की पढ़ाई प्रभावित हुई है। कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षक नहीं हैं। बच्चों को गणित या विज्ञान के शिक्षक के बिना पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्थानीय परिस्थितियों को समझे बिना स्कूलों का विलय किया गया। इससे सामाजिक और भौगोलिक समस्याएं पैदा हुई हैं। आप कार्यकर्ताओं के मुताबिक, बस्तर, सरगुजा और कांकेर जैसे आदिवासी बहुल इलाकों में छात्र संख्या घटी है। स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या बढ़ी है। दंतेवाड़ा में एक स्कूल को 7 किमी दूर स्थानांतरित किया गया। इससे बच्चे स्कूल आना बंद कर चुके हैं। एक गांव में तो शिक्षक नहीं होने के कारण बच्चों ने खुद स्कूल में ताला लगा दिया।


