भास्कर न्यूज | अमृतसर डिप्टी कमिश्नर दलविंदरजीत सिंह की अध्यक्षता में ‘नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट’ (एनसीओआरडी) फ्रेमवर्क को लागू करने और जिले में नशे पर नियंत्रण बढ़ाने के लिए उच्च स्तरीय बैठक हुई। बैठक में पुलिस, बीएसएफ, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। डिप्टी कमिश्नर ने निर्देश दिया कि स्कूलों, कॉलेजों, ईंट भट्टों, फैक्ट्रियों में ज़्यादा से ज़्यादा कैंप लगाए जाएं और लोगों को ड्रग्स के बारे में जागरूक किया जाए। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि नशे के आदी लोगों को नशा मुक्ति केंद्रों में लाया जाए, जहां सरकार की तरफ से उनका मुफ़्त इलाज किया जाता है। ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई के लिए डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन और समाज को मिलकर काम करने की जरूरत है। एडमिनिस्ट्रेशन ड्रग डीलरों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने के लिए कमिटेड है, लेकिन इसके लिए पुलिस के साथ-साथ लोगों का सहयोग भी बहुत ज़रूरी है। डिप्टी कमिश्नर ने एजुकेशन डिपार्टमेंट के अधिकारियों को स्कूलों में ड्रग्स के बारे में लगातार जागरूकता फैलाने के निर्देश दिया। हेल्थ डिपार्टमेंट के ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि साल 2025 के दौरान 920 केमिकल की दुकानों की चेकिंग की गई। 164 दुकानों के लाइसेंस सस्पेंड किए गए। 1 करोड़ से ज्यादा की ड्रग जब्त की गई है। डीएसपी रूरल धर्मेंद्र कल्याण ने बताया कि साल 2025 के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत 1280 केस दर्ज किए गए हैं और 2069 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान 331.415 किलो हेरोइन, 11.695 किलो अफीम और अन्य नशीले पदार्थ जब्त किए गए हैं। इस मौके पर बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के अधिकारियों ने कहा कि बीएसएफ ड्रग्स बरामद करने के लिए दिन-रात काम कर रही है। इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर आलम विजय सिंह, एसडीएम अमृतसर 1 अमनप्रीत सिंह, एडीसीपी परमिंदर कौर, सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. गुरबिंदर सिंह, डिप्टी कमांडेंट बीएसएफ आलोक कुमार, ड्रग इंस्पेक्टर बबलिन कौर आदि मौजूद थे।


