नापासर के राजकीय सीनियर सेकेंडरी उच्च माध्यमिक स्कूल में बुधवार सुबह उस समय बवाल हो गया, जब स्टूडेंट्स ने स्कूल के आगे नारेबाजी शुरू कर दी। विद्यालय के स्टूडेंट्स ने अचानक गेट पर बैठकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. राकेश कुमार चौधरी के अचानक जैसलमेर ट्रांसफर से नाराज स्टूडेंट्स ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। शिक्षा विभाग ने सोमवार रात जो लिस्ट जारी की थी, उसमें डॉ. चौधरी का ट्रांसफर किया गया। स्टूडेंट्स का कहना है कि डॉ. चौधरी ने अल्प समय में स्कूल का चेहरा बदल दिया था। खेलों को बढ़ावा दिया, संस्कृत संकाय शुरू करवाया और विद्यार्थियों को दोस्त की तरह गाइड किया। ऐसे में उनका 300 किलोमीटर दूर जैसलमेर तबादला समझ से बाहर है। मंगलवार को जैसे ही सिंथल गांव के विद्यालय से आए नए प्रिंसिपल ने कार्यभार संभाला, वैसे ही छात्रों में गुस्सा फूट पड़ा। सुबह-सुबह स्टूडेंट्स एकजुट हो गए। स्टूडेंट्स ने कहा है कि जब तक हमारे प्रिंसिपल वापस नहीं लगाए जाते, तब तक गेट से नहीं हटेंगे। छात्रों ने चेतावनी दी है कि आज हम 200 हैं, कल 500 होंगे और परसों 1000 स्टूडेंट यहां जमा हो जाएंगे। अगर जरूरत पड़ी तो पूरा गांव हमारे साथ खड़ा होगा। धरने में मयंक बोहरा, मनीष पूरी, यशवंत सोनी, नरेंद्र जाट, मोहित सारण, पूर्व पंचायत समिति सदस्य किशन दईया,पूर्व छात्र सोहनलाल गोदारा,जस्सू नायक, रविन्द्र, बालकिशन समेत कई पूर्व छात्र भी शामिल होकर समर्थन देने पहुंचे। कंटेंट : बसंत स्वामी, नापासर


