झालावाड़ शहर के धनवाड़ा क्षेत्र में मंदिर, स्कूल और घरों की छतों के ऊपर से 11 केवी की विद्युत लाइन गुजर रही है। इससे क्षेत्र में लगातार हादसे का खतरा बना हुआ है। स्थानीय निवासियों और विद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में कई बार विद्युत निगम को शिकायतें दी हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि समस्या को अधिक उठाने पर निगम द्वारा लाइन के नीचे बने मकानों को नोटिस दिए जाने का डर दिखाया जाता है, जिससे अब वे शिकायत करने से भी कतराने लगे हैं। रेगर मोहल्ला स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनीष गुप्ता ने भी अपने उच्च अधिकारियों और निगम के अधीक्षण अभियंता को कई बार पत्र लिखकर अवगत कराया है। विद्यालय के शिक्षकों के अनुसार, बड़ी लाइन होने के कारण शिक्षण कार्य के दौरान हादसे का अंदेशा बना रहता है, खासकर बारिश के दिनों में यह खतरा और बढ़ जाता है। लाइन की ऊंचाई भी कम होने से यह अधिक खतरनाक साबित हो रही है। इस लाइन के नीचे करीब डेढ़ सौ मकान, एक स्कूल और एक मंदिर स्थित हैं। एक ओर जहां जयपुर डिस्कॉम के अधिकारी स्कूलों की छत से बिजली की लाइनें हटाने का दावा करते हैं, वहीं धनवाड़ा में अगस्त 2025 से स्कूल प्रबंधन इस लाइन को हटाने की मांग कर रहा है। डिस्कॉम के एसई विशंभर सहाय ने बताया था कि यह प्रसारण निगम की लाइन हो सकती है और मामले को दिखवाया जाएगा। मोहल्ले के राम प्रकाश, बद्रीलाल गुर्जर, ओम सहित अन्य निवासियों ने बताया कि इस लाइन से पहले भी हादसे हो चुके हैं और उन्होंने जल्द कार्रवाई की मांग की है।


