स्कूल शिक्षा विभाग वैश्विक शिक्षा प्रणाली स्टीम (साइंस, टैक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, आर्टस और मैथेमेटिक्स) के तहत इस साल 6वें अनुगूंज’ समारोह का आयोजन कर रहा है। इसका विषय ‘कला से समृद्ध शिक्षा होगा। इसमें अलग अलग विधाओं संगीत, नाटक और नृत्य में लगभग 500 स्टूडेंट्स प्रस्तुति देंगे। कार्यक्रम 10 जनवरी को शाम 5:30 बजे से शासकीय सुभाष उत्कृष्ट विद्यालय में होगा। इसमें सरकारी स्कूलों के स्टूडेंट्स द्वारा ‘धनक’ के अंतर्गत वाद्यवृन्द, गीत-संगीत की जुगलबंदी, भारत के विविध शास्त्रीय नृत्य फ्यूजन और वेस्टर्न नृत्य की प्रस्तुतियां देंगे। वहीं दूसरी और ‘रंगकार’ के अंतर्गत नाट्य प्रस्तुति का मंचन भी किया जाएगा। कार्यक्रम का रचनात्मक निर्देशन, मंच परिकल्पना, प्रकाश संयोजन और तकनीकी निर्देशन कमल जैन कर रहे हैं। प्रमुख प्रस्तुतियां होंगी खास सुर-साज में नील-गंगा -वरिष्ठ ख्याल गायिका डॉ. नीलांजना वशिष्ठ के मार्गदर्शन में सुर और साज से सजी रिदम में 6 स्कूल के 16 स्टूडेंट्स तबला, ढोलक, जेज ड्रम, ऑक्टोपैड, गिटार, ढोल, पियानो, सिंथेसाइजर जैसे इंडियन और वेस्टर्न वाद्य यंत्रों का संयोजन प्रस्तुत करेंगे। वहीं, गायन भाग ‘सेमी क्लासिक जोन में 14 स्कूल के लगभग १० स्टूडेंट्स करेंगे। मोहिनीअट्टम नमः शिवाय- वरिष्ठ नृत्य गुरु कविता शाजी के मार्गदर्शन में केरल राज्य की नृत्य शैली मोहिनीअट्टम की प्रस्तुति होगी। इसमें 70 छात्र प्रस्तुति देंगे। भरतनाट्यम-रक्षमम् (पृथ्वी की पुकार)। भरतनाट्यम शैली के शीर्ष नृत्य गुरु भारती होम्बले के मार्गदर्शन में भरतनाटयम् में लगभग 70 स्टूडेंट्स प्रस्तुति देंगे इसमें आधुनिक फ्यूजन संगीत का प्रयोग किया गया है। ओडिसी भक्ति-विलास-ओडिसी नृत्य विधा की नृत्य गुरु बिंदु जुनेजा 75 स्टूडेंट्स के साथ नृत्य तैयार करा रही हैं। यह आदि शंकराचार्य द्वारा रचित, श्री जगनाथ अष्टकम स्तोत्र पर आधारित है। कथक कृष्णायन- कथक नृत्यांगना और नृत्य गुरु विजया शर्मा के मार्गदर्शन में 79 स्टूडेंट्स कथक नृत्य की इस प्रस्तुति देंगे। सत्य और नैतिकता पर आधारित नाटक ‘चरनदास चोर’ – रंग निदेशक सौरभ अनंत के मार्गदर्शन में 4 शासकीय स्कूलों के स्टूडेंट्स नाटक ‘चरनदास चोर’ का मंचन करेंगे। इस नाटक को बुंदेली बोली में प्रस्तुत किया जाएगा


