डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी यूनिवर्सिटी (डीएसपीएमयू) में स्नातक सेकेंड सेमेस्टर की चल रही परीक्षा चल रही है। 44 विषयों में कुल 4500 स्टूडेंट्स परीक्षा दे रहे हैं। इस परीक्षा में काफी संख्या में नकल के लिए चिट-पुर्जे ला रहे हैं। गार्डिंग कर रहे शिक्षक पकड़ भी रहे हैं। लेकिन अब नकल करने के बाद निष्कासन की कार्रवाई यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा नहीं की जाती है। सिर्फ नकल करने वाले परीक्षार्थियों से चिट-पुर्जे जब्त कर लिए जाते हैं। परीक्षा हॉल में परीक्षार्थियों पर पैनी नजर रख रहे शिक्षकों ने दर्जनों परीक्षार्थियों से चिट-पुर्जे जब्त किए हैं। लेकिन ऐसे परीक्षार्थियों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं जाती है। बताते चलें कि डीएसपीएमयू में पहले नकल करने का मतलब निष्कासन था। निष्कािसत करने वाले शिक्षक को गेट के बाहर बाहर निकाले गए छात्र द्वारा पिटाई का मामला भी सामने आ चुका है। इसके बाद भी यहां के शिक्षक नकल करते पकड़े जाने पर कार्रवाई अवश्य करते थे। लेकिन अब यह परंपरा समाप्त हो गई है। गार्डिंग कर रहे शिक्षक निष्कासन नहीं करने की वजह बताते हुए कहते हैं कि नकल के लिए चिट निकालते ही पकड़े जाते हैं, इसलिए डांट-डपट कर छोड़ दिए जाते हैं। परीक्षार्थी लाते हैं चिट की माइक्रो फोटोकॉपी परीक्षार्थी नकल के लिए छोटे अक्षरों में प्रिंट या लिखावट वाले चिट पुर्जे लाते हैं। चिट-पुर्जे को फोटो स्टेट दुकान में माइक्रो फोटोकॉपी के माध्यम से बहुत छोटा करा लेते हैं, ताकि कम स्पेस में अधिक से अधिक से शब्द आ सकें। क्योंकि परीक्षार्थियों से जब्त सभी चिट-पुर्जे माइक्रो फोटोस्टेट कॉपी थे। गेट पर गहन जांच के बाद इंट्री : डीएसपीएमयू की न्यू बिल्डिंग में परीक्षा चल रही है। सोमवार को 19 विषयों के लिए 1400 छात्रों की परीक्षा थी। मुख्य द्वार पर डॉ. विनोद कुमार, डॉ. आईएन साहू समेत अन्य स्टाफ परीक्षार्थियों की गहन जांच करते देखे गए। वहीं परीक्षा हॉल में डॉ. अनुपम कुमार निरीक्षण कर रहे थे। इसके बाद भी छोटे चिट-पुर्जे लाने में परीक्षार्थी सफल हो जाते हैं।


