स्पीकर बिरला ने ली पेयजल व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक:PHED मंत्री को कहा- प्रोजेक्ट लटकाने वाले ठेकेदारों को ब्लैक लिस्ट करें

कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की विभिन्न पेयजल परियोजनाओं और व्यवस्थाओं को लेकर जिला परिषद में समीक्षा की गई। बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी और ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर भी मौजूद रहे। बिरला ने अधिकारियों से कहा कि वे संवेदनशीलता के साथ काम करें और गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करें। जनता को राहत पहुंचाने के कार्य में अधिकारी लापरवाही न बरतें। बैठक के दौरान कई परियोजनाओं में देरी की जानकारी मिलने पर ओम बिरला ने जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी से कहा कि प्रोजेक्ट को डिले करने वाले ठेकेदारों को चेतावनी दी जाए इसके बावजूद सुधार नहीं होता है तो उन्हें परमानेन्ट ब्लैकलिस्ट किया जाए। स्पीकर बिरला ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल संकट अधिक है, वहां सभी पहलुओं का आंकलन कर नए प्रस्ताव तैयार किए जाएं। समर कंटीजेंसी योजना के तहत हैंडपंप, ट्यूबवेल, टंकी और पाइपलाइन से जुड़े अधूरे कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा कर आमजन को राहत प्रदान करें। बैठक में नवनेरा, परवन-अकावद, बोराबास-मंडाना, रामगंजमण्डी जलापूर्ति परियोजना सहित प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन के तहत किए गए कनेक्शनों, अमृत 2.0 योजना व बजट घोषणा के तहत स्वीकृत कार्यों की प्रगति से भी अवगत कराया। 50 वर्षों का जरूरतों को रखें ध्यान स्पीकर बिरला ने अधिकारियों को कहा कि वे नई पेयजल योजनाओं का प्रारूप तैयार करते समय क्षेत्र में 50 वर्षों की आवश्यकताओं के साथ पशुधन, माइनिंग सेक्टर और उद्योगों की संभावित मांग को भी ध्यान में रखा जाए। बिरला ने सख्त निर्देश दिए कि पेयजल पाइपलाइन और सीवरेज लाइन के लिए खोदी गई सड़कों की समय पर मरम्मत की जाए। साथ ही भविष्य में किसी भी सड़क निर्माण या इंटरलॉकिंग कार्य से पहले सभी भूमिगत कार्य पूरे कर लिए जाएं ताकि सड़कों को बार-बार तोड़ने की जरूरत न पड़े और जनता को असुविधा से बचाया जा सके। उन्होंने पेयजल आपूर्ति संबंधी खबरों पर गंभीरता से कार्रवाई करने और पीएचईडी के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी इस संबंध में अवगत कराने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि जलापूर्ति परियोजनाओं की मॉनिटरिंग के लिए पीएचईडी के सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के अनुभव का लाभ लिया जाए। फील्ड मॉनिटरिंग बढ़ाएं, अवैध कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई हो बैठक में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने अवैध कनेक्शनों पर रोक लगाने और पुलिस सहयोग से उन्हें हटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गरडदा परियोजना में डिज़ाइन और जल उपलब्धता के अनुसार ही कनेक्शन स्वीकृत किए जाएं तथा पाइपलाइन बिछाने के बाद मलबे का उचित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र में जाकर परियोजनाओं की फील्ड मॉनिटरिंग करने और आवश्यकता के अनुसार जल आपूर्ति बढ़ाने के भी निर्देश दिए। यह रहे मौजूद बैठक में ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, कोटा दक्षिण विधायक संदीप शर्मा, भाजपा शहर अध्यक्ष राकेश जैन, जिला प्रमुख मुकेश मेघवाल, लोकसभा सचिवालय के संयुक्त सचिव गौरव गोयल, कोटा संभागीय आयुक्त राजेन्द्र सिंह शेखावत, कोटा कलेक्टर डॉ. रविन्द्र गोस्वामी, बूंदी कलेक्टर अक्षय गोदारा सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। 10 हजार परिवारों के लिए केडीए लॉन्च करेगा अफॉर्डेबल आवासीय योजना वहीं स्पीकर बिरला ने केडीए-निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यों की समीक्षा की। बिरला ने कहा कि अधिकारी विकास कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्धता के साथ इन्हें पूरा करें। उन्होंने केडीए अधिकारियों को कहा कि वे आवासहीन परिवारों को मकान उपलब्ध करवाने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंह योजना की कार्ययोजना बनाएं। पहले चरण में 10 हजार परिवारों के लिए सर्व सुविधा युक्त मकान तैयार किए जाएं।

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