स्मार्ट मीटर:घर में कब ज्यादा जल रही और कब कम इसे ट्रैक करके उपभोक्ता रोक सकेंगे बिजली की फिजूलखर्ची

प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड मीटर से लोग अपने घरों में खपत होने वाली बिजली की निगरानी कर सकेंगे। हर 30 मिनट में उन्हें खपत होने वाली बिजली की जानकारी मिल जाएगी। दिनभर में कितनी यूनिट बिजली जली है और दिन के किस वक्त में सबसे ज्यादा खपत हो रही है। इसकी पूरी निगरानी होगी। उपभोक्ता को यह पता चलेगा कि गैर जरूरी वक्त पर बिजली की खपत ज्यादा हो रही है तो वे उस वक्त बिजली बचाने के लिए जरूरी उपाय कर सकेंगे। इससे उनके बिजली बिल में बचत होगी। प्रदेश में 65 लाख उपभोक्ता हैं। इनमें से करीब 59 लाख घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जाने का काम चल रहा है। 30 लाख से अधिक घरों में मीटर लगाए जा चुके हैं। मीटर लगने के बाद सबसे पहले सरकारी विभागों में प्रीपेड सिस्टम शुरू होगा। इसमें उन्हें पहले मीटर को रीचार्ज कराना होगा। उसके बाद बिजली की खपत होगी। यह एक मुख्य अंतर है नए स्मार्ट यानी प्रीपेड मीटर और पुराने मीटर में। अब दूसरा और महत्वपूर्ण अंतर यह है कि लोग हर दिन और हर आधे घंटे की खपत देख सकेंगे।
बिजली कंपनी के अफसरों का कहना है कि एक सामान्य परिवार में रोज 12 से 15 यूनिट बिजली की खपत होती है। इसे आधे-आधे घंटे में बांटा जाए तो यह यह 0 से अधिकतम डेढ़-दो यूनिट तक पहुंच जाता है। आधे घंटे के अंतराल की खपत से यह पता चल जाएगा कि किस समय सबसे ज्यादा बिजली खपत हो रही है। पिक आवर्स में खपत को नियंत्रित करने के उपाए किए जा सकते हैं। एक सप्ताह की खपत भी देख सकेंगे
स्मार्ट प्रीपेड मीटर में उपभोक्ता पिछले एक सप्ताह की खपत देख सकेंगे। यदि उपभोक्ता को लगता है कि उनके घर में ज्यादा बिजली की खपत हो रही है तो प्रीपेड मीटर में पिछले एक सप्ताह के दौरान हर दिन की खपत भी देख सकेंगे। यदि सामान्य तौर पर होने वाली खपत से ज्यादा बिजली की खपत हो रही है तो वे इसकी शिकायत कर सकेंगे। कंपनी के अफसरों के अनुसार इसके लिए उपभोक्ता को मोर बिजली एप डाउनलोड करना होगा। एप डाउनलोड करने के बाद उन्हें स्मार्ट मीटर खपत का विंडो खोलना होगा। यदि किसी उपभोक्ता के घर में स्मार्ट मीटर नहीं लगा है तो वे इस सुविधा का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
स्मार्ट मीटर लगने के बाद ही वे इसका उपयोग कर पाएंगे।

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