बिजली उपभोक्ता स्मार्ट मीटर हटाओ संघर्ष समिति झुंझुनूं ने स्मार्ट मीटरों के खिलाफ व्यापक आंदोलनात्मक रणनीति तैयार की है। समिति ने घोषणा की है कि 12 जनवरी 2026 को अधीक्षण अभियंता (SE) कार्यालय, झुंझुनूं पर एक विशाल ‘महापंचायत’ का आयोजन किया जाएगा। इस महापंचायत में जिले भर से हजारों किसान और आम बिजली उपभोक्ता भाग लेंगे। समिति के प्रवक्ता महिपाल पूनिया और रामचंद्र कुल्हरि ने बताया कि संघर्ष समिति की बैठक शिक्षक भवन, झुंझुनूं में आयोजित की गई। मीटिंग की अध्यक्षता किसान नेता गिरधारी लाल महला और किसान नेता पोकर सिंह झाझड़िया ने की। मीटिंग की शुरुआत में रामचन्द्र कूलहरि ने एक निंदा प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इसमें हनुमानगढ़ के टिब्बी में इथेनॉल कंपनी के साथ मिलकर प्रशासन द्वारा किसानों पर की गई बर्बर पुलिसिया कार्रवाई की कड़ी निंदा की गई और सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। आंदोलन की रणनीति और चेतावनी बैठक में स्मार्ट मीटर के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। * महापंचायत का आह्वान: यह तय किया गया कि 12 जनवरी 2025 को एसई कार्यालय पर महापंचायत होगी, जिसमें जिले के किसान और बिजली उपभोक्ता बड़ी संख्या में जुटेंगे। * सरकारी संस्थानों पर मीटर लगाना रोकने की चेतावनी: संघर्ष समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि भामाशाहों द्वारा संचालित सरकारी संस्थानों में जबरदस्ती लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों का काम तुरंत रोका जाए। * गांव-गांव जनसंपर्क: महापंचायत की तैयारियों के लिए संघर्ष समिति के साथियों की जत्थों के रूप में गांवों में जाकर व्यापक जनसंपर्क करने की जिम्मेदारी तय की गई। अगली तैयारी बैठक 25 दिसंबर को महापंचायत की तैयारियों को अंतिम रूप देने और आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए 25 दिसंबर 2025 को अंबेडकर पार्क, झुंझुनूं में एक अगली महत्वपूर्ण मीटिंग बुलाई गई है। इस बैठक में जिले भर से समिति के साथी शामिल होंगे। इस दौरान मदन सिंह यादव, सुरेश महला, विजेंद्र कुलहरि, रमेश झाझरिया, एडवोकेट बजरंग लाल, सुरेंद्र लम्बा, आशीष पचार, सचिन चोपड़ा, पंकज गुर्जर, मनीराम, सहदेव कस्वां, करणीराम मझाऊ, साहिल ख़ान, वीरभान, विजयपाल मलोआ, और उस्मान सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार रखे।


