स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में देरी पर कार्रवाई:बिलासपुर में दो ठेकेदारों पर 4.41 करोड़ की पेनल्टी, विधायक सुशांत शुक्ला ने की थी शिकायत

बिलासपुर स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने अरपा नदी विकास प्रोजेक्ट में देरी को लेकर दो ठेकेदार कंपनियों पर कड़ी कार्रवाई की है। मेसर्स गणपति इन्फ्रा स्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड पर 3 करोड़ और श्रद्धा कंस्ट्रक्शन पर 1.41 करोड़ रुपए की पेनाल्टी लगाई गई है। अरपा नदी के दोनों किनारों पर सड़क निर्माण और नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिए एसटीपी का निर्माण कार्य दो साल से लटका हुआ है। दोनों ठेकेदारों को कई बार समय सीमा में विस्तार दिया गया। फिर भी उन्होंने काम पूरा नहीं किया। बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने 2024 में केंद्रीय आवासन मंत्री मनोहरलाल खट्टर और राज्य मंत्री तोखन साहू को पत्र लिखा था। उन्होंने प्रोजेक्ट में अनियमितता और भ्रष्टाचार की शिकायत की थी। विधायक ने आरोप लगाया कि डीपीआर के विपरीत घटिया निर्माण कार्य किया गया। विधायक के अनुसार, स्मार्ट सिटी ने इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक अनुमति भी नहीं ली। स्मार्ट सिटी मिशन ने शिकायत पर जांच की। जांच के बाद अब दोनों ठेकेदारों का ठेका निरस्त कर दिया गया है। विधायक ने पत्र में बताया कि अरपा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण की भूमिका वर्तमान में क्रियाशील नहीं होने के बावजूद इसका मास्टर प्लान स्मार्ट सिटी लिमिटेड के निर्माण कार्य में किया जा रहा है। नदी के तटबंध किनारे निर्माण कार्य करने के लिए नदी को पाटने के लिए स्मार्ट सिटी लिमिटेड अरपा साडा के मास्टर प्लान के डेटा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर कार्य कर रही है। एमडी बोले- अनुमति ली गई बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड के एमडी और नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि केंद्रीय जल आयोग से रोड निर्माण के लिए स्वीकृति के लिए पत्र लिखा गया, तो उनकी ओर से कहा गया कि इस कार्य के लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। वहीं सीपीसीबी से स्वीकृति ली गई। उन्होंने स्वीकार किया कि स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर की गई शिकायत की जांच की गई थी। गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर ने एक्सटेंशन के बावजूद काम नहीं किया अरपा उत्थान और तट संवर्धन योजना के तहत नदी की बांई ओर इंदिरा सेतु से पुराना पुल तक निर्माणाधीन सड़क का कार्य किया गया। योजना के दूसरे चरण के अंतर्गत 49 करोड़ 94 लाख रुपए की लागत से नदी की बांई ओर समतलीकरण, रिटेनिंग वाल, टोवाल, नाला, सड़क समेत अन्य कार्य किए जाने थे। जिसके लिए मेसर्स गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर को कार्यादेश जारी किया गया। समयावधि बीत जाने और एक्सटेंशन देने के बावजूद ठेका कंपनी की ओर से काम कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। अर्थदंड बेअसर, तब ठेका निरस्त करने लिया निर्णय कार्य की धीमी गति को देखते हुए एमडी अमित कुमार के निर्देश पर 2 अप्रैल 2025 को गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी पर 37 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया था और नोटिस जारी कर कार्य जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अर्थदंड और नोटिस के बावजूद कार्य में प्रगति नहीं लाने पर 14 अगस्त को एमडी अमित कुमार के निर्देश पर कार्य के नियम शर्तों के अनुरुप 6 प्रतिशत की दर से गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 2 करोड़ 99 लाख रुपए का अर्थदंड लगाया गया है और ठेका को निरस्त करते हुए कार्य के लिए नया टेंडर जारी कर दिया गया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, ठेका निरस्तीकरण के बाद नया टेंडर करने पर नियमानुसार पूर्व ठेका कंपनी यानी मेसर्स गणपति इन्फ्रास्ट्रक्चर पर शेष राशि के कार्य का दस प्रतिशत 11 लाख 32 हजार अतिरिक्त अर्थदंड लगाया गया है। इस प्रकार इस कंपनी पर कुल 3 करोड़ 10 लाख 32 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया। हाईकोर्ट में मार्च तक कार्य पूर्ण करने हलफनामा अरपा नदी में दूषित जल को रोकने के लिए मंगला में 13 करोड़ 54 लाख की लागत के 10 एमएलडी और 8 करोड़ 69 लाख की लागत के 6 एमएलडी क्षमता के दो एसटीपी के साथ सड़क और नाला निर्माण का काम श्रद्धा कंस्ट्रक्शन को दिया गया। वर्क ऑर्डर के मुताबिक, यह कार्य पिछले साल तक पूरा हो जाना था, अरपा को प्रदूषण मुक्त करने संबंधी जनहित याचिका से जुड़े इस कार्य के विषय में नगर निगम की ओर से मार्च तक प्रोजेक्ट को पूर्ण करने हलफनामा दिया गया, लेकिन अब तक यह कार्य अधूरा है। कंस्ट्रक्शन ने काम लटका कर रखा इस कार्य में प्रगति नहीं लाने और लटका कर रखने के लिए एमडी अमित कुमार के निर्देश पर बिलासपुर स्मार्ट सिटी ने 14 अगस्त को 10 एमएलडी क्षमता के एसटीपी कार्य के 7 प्रतिशत 94 लाख 78 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। इसके पहले 19 मई 2025 को 3 प्रतिशत 40 लाख 62 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया था। इस प्रकार कुल 1 करोड़ 35 लाख 40 हजार का अर्थदंड निरुपित किया गया है। इसके अलावा 6 एमएलडी क्षमता के एसटीपी कार्य में 7 प्रतिशत 60 लाख 83 हजार और 19 मई 2025 को 3 प्रतिशत 26 लाख 7 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया गया था। इस प्रकार कुल 64 लाख 9 हजार का अर्थदंड निरुपित किया गया है। ठेका निरस्त करने अंतिम नोटिस दोनों एसटीपी प्रोजेक्ट के ठेके को निरस्त करने के लिए अंतिम चेतावनी नोटिस ठेकेदार को दी गई। वहीं अरपा में अटल पथ के निर्माण कार्य के लिए 9 करोड़ 73 लाख का नया टेंडर जारी किया गया है। उस मार्ग अटल पथ के नाम से जाना जाएगा।

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