स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में 600 करोड़ खर्च:फिर भी हाईटेक नहीं बना बिलासपुर, अब जनसहभागिता से लगांएगे CCTV; नागरिक कमेटी करेगी संचालन

बिलासपुर में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत 6 सालों में 600 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने के बावजूद शहर हाईटेक नहीं बन पाया है। अभी भी 100 करोड़ से अधिक के काम चल रहे हैं। लेकिन विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस करने का दावा पूरा होता नहीं दिख रहा है। अब प्रशासन ने जनसहभागिता से आईटीएमएस की तर्ज पर पूरे शहर की निगरानी के लिए विशेष कैमरे लगाने की योजना बनाई है। इन कैमरों का संचालन आम लोगों की कमेटी करेगी। इस कमेटी में सभी वर्ग के लोग और अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बुधवार (30 जुलाई) को इस विषय में सुझाव लेने के लिए कलेक्टर और निगम कमिश्नर ने आमजन और संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक ली। प्रशासन का दावा है कि इस व्यवस्था से कोई भी अपराधी अपराध करके बच नहीं पाएगा। विशेष कैमरों की मदद से अपराधी जल्द ही पुख्ता सबूत के साथ पुलिस की गिरफ्त में होगा। पूरे नगर निगम क्षेत्र में लगेगा CCTV स्मार्ट सिटी के आईटीएमएस प्रोजेक्ट की तर्ज पर पूरे नगर निगम क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरे से लैस किया जाएगा। इनकी निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से होगी। योजना की अहम बात यह है कि इसका संचालन प्रशासन के बजाय नागरिकों द्वारा बनाई गई कमेटी द्वारा किया जाएगा। इस कमेटी के हाथों में क्रियान्वयन, नियंत्रण और निगरानी की जिम्मेदारी होगी। कलेक्टर संजय अग्रवाल और निगम कमिश्नर अमित कुमार ने बैठक में उपस्थित लोगों से आवश्यक सुझाव मांगे और सहयोग की अपील की। प्रशासन का मानना है कि इस अभिनव पहल से पूरे शहर में सुरक्षा, व्यवस्था और समन्वय बेहतर होगा। सुरक्षा की दिशा में बढ़ेंगे आगे – कलेक्टर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा की किसी भी शहर की उपलब्धि और पहचान में वहां के नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है, स्वच्छता में बिलासपुर का नाम हुआ है इसमें नागरिकों का बहुत बड़ा योगदान है, अब शहर एवं नागरिकों की सुरक्षा की दिशा में हम सबको आगे बढ़ना है। फुटेज न्यायालयीन प्रक्रिया में फायदेमंद होगा कलेक्टर ने बताया कि शहर के सभी क्षेत्रों में विशेष कैमरे लगाने से नागरिकों की सुरक्षा व्यवस्था होगी और किसी भी अपराध के घटित होने पर अपराधी के पकड़े जाने और न्यायालयीन प्रक्रिया तक में यह मददगार होगा। उपस्थित संगठनों के पदाधिकारियों ने अपने सुझाव दिए और इस योजना को लागू करने पर अपनी सहमति जाहिर की। ट्रैफिक के लिए 523 कैमरे लगे, इससे अधिक कैमरे लगाए जाएंगे निगम कमिश्नर अमित कुमार ने योजना का खाका पेश करते बताया कि अभी शहर के प्रमुख स्थानों पर स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर द्वारा संचालित 23 जंक्शन में 523 कैमरे लगाए गए हैं। इसके जरिए शहर की ट्रैफिक व्यवस्था संचालित की जा रही है। इसी तर्ज पर पूरे शहर को निगरानी में रखने की आवश्यकता है, खासकर आउटर में। निगम कमिश्नर के मुताबिक पूरे शहर में कैमरा लगे और उसे एक ग्रिड से कनेक्ट किया जाए, जो इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर के रूप में इसके जरिए शहर भर की निगरानी आसानी से की जा सकेगी। इसके संचालन के लिए कमेटी बना कर उसे रजिस्टर्ड कराया जाएगा। कमेटी में तकनीकी टीम भी रहेगी और कमेटी बजट से संबंधित निर्णय लेकर योजना को मूर्तरूप देने के लिए सुझाव और विश्लेषण के आधार पर डीपीआर तैयार कराया जाएगा।

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