स्वच्छता ऑडिट:160 एमएलडी सीवेज खुले में बह रहा, हर महीने 1200 शिकायतें इसी की, क्योंकि नेटवर्क ही 23%

शहर के 70 प्रतिशत इलाके में सीवेज की समस्या है। हर महीने नगर निगम की करीब 4000 शिकायतें होती हैं, इनमें से 25 से 30 फीसदी, यानी करीब 1200 शिकायतें, सिर्फ सीवेज संबंधी होती हैं। 21 में से 7 जोन ऐसे हैं जिनमें यह समस्या सबसे ज्यादा है। पुराने शहर में सीवेज पाइपलाइन का नेटवर्क तो है, लेकिन अब वह आबादी के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। भोपाल में सीवेज का नेटवर्क अभी केवल 23% ही हो पाया है। भोपाल में करीब 360 एमएलडी सीवेज निकलता है। अभी 19 एसटीपी से 200 एमएलडी सीवेज ट्रीट किया जाता है। 160 एमएलडी सीवेज नेटवर्क तक पहुंच ही नहीं पाता। वित्तीय वर्ष 2024-25 में नगर निगम ने करीब ढाई सौ करोड़ का बजट अमृत योजना के तहत सीवेज के लिए रखा था लेकिन सिर्फ 12 करोड़ रुपए ही खर्च किए। बजट में इस साल अमृत-2 प्रोजेक्ट शुरू करने का भरोसा दिलाया था, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सीवेज के टेंडर ही 15 दिन पहले जारी हुए हैं। सूरत ए हाल… एमपी नगर जैसे इलाकों में भी सड़क पर बह रहा सीवेज एमपी नगर शहर का पहला प्लान्ड कमर्शियल एरिया है। इसके बाद भी यहां सीवेज चारों तरफ सड़कों पर बहता रहता है। इसके अलावा कोलार, बागमुगालिया, बैरागढ़, शाहपुरा के कुछ इलाके, नेहरू नगर, कोटरा, अयोध्या बाईपास, रायसेन रोड, अशोका गार्डन, जहांगीराबाद, ऐशबाग, करोंद और अरेरा कॉलोनी में भी ज्यादा समस्या है। 5 एसटीपी बनाकर तालाब में गिरने से रोकने की योजना वर्तमान में 1.14 लाख घरेलू कनेक्शन सीवेज से जुडे़ हैं। कुल 5 लाख घर हैं। इसके अलावा 1.5 लाख कमर्शियल कनेक्शन भी हैं। एक हफ्ता पहले सीएम ने 400 करोड़ की सीवेज लाइन का भूमि पूजन किया है। इससे बड़े तालाब और शाहपुरा तालाब में मिलने वाला सीवेज रोका जा सकेगा। इसमें 5 एसटीपी बनेंगे। पूरा सीवेज नेटवर्क को बनाने के लिए करीब 2500 करोड़ रुपए की जरूरत है। यह पैसा अमृत-2 के तहत मिलेगा।
इन 7 जोन में ज्यादा शिकायतें: 85 वार्ड 21 जोन में बांटे गए हैं। जोन 2, 12, 13, 17, 18, 19 और 16 से सीवेज की सबसे ज्यादा शिकायतें आती हैं। अमृत-2 में मिले 1000 करोड़
अमृत-2 में 1 हजार करोड़ रुपए मिले हैं। 400 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए हैं। इससे शहर में के सीवेज का करीब 60% नेटवर्क बन जाएगा। पुराना लाइन के नेटवर्क को ठीक कर रहे हैं और नए विकसित कर रहे हैं। फिर 40% सेफ्टिग टैंक का काम भी जल्द से जल्द पूरा करने का प्रयास कर करेंगे।
-हरेंद्र नारायण, कमिश्नर नगर निगम

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