छत्तीसगढ़ के स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में गौरेला नगर पालिका परिषद का प्रदर्शन रहा है। प्रदेश की 169 निकायों में से गौरेला उन 54 निकायों में शामिल है, जिन्हें एक भी स्टार रेटिंग नहीं मिली। इसके अलावा सोमवार को गौरेला-पेंड्रा- मरवाही जिले में राजस्व और वन भूमि का व्यापक सर्वे किया गया। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 में पेंड्रा नगर पालिका परिषद ने एक स्टार हासिल किया है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री के प्रभार वाले जिले की नगर पालिका का यह प्रदर्शन चिंताजनक है। नगर पालिका में अध्यक्ष, पार्षद और सीएमओ के बीच समन्वय की कमी स्पष्ट दिखाई देती है। आपसी मतभेद और गुटबाजी के कारण विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। पार्षद निधि का उपयोग भी प्रश्नों के घेरे में है। निर्माण सामग्री आवाजाही में बन रहे बाधा शहर की स्थिति का जायजा लें तो वार्डों की गलियों में कचरे के ढेर और निर्माण सामग्री आवाजाही में बाधा बन रहे हैं। कई लोगों ने अपने वाहनों के लिए गैरेज न बनाकर सड़कों को पार्किंग स्थल बना रखा है। यातायात व्यवस्था सुधार के लिए होने वाली बैठकें महज औपचारिकता बनकर रह गई हैं। स्वच्छता में सुधार के लिए केवल फोटो सेशन नहीं, बल्कि ठोस कार्य योजना और जन जागरूकता की आवश्यकता है। नगर पंचायत से नगर पालिका का दर्जा मिलने के बाद भी व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। कलेक्टर और वन मण्डलाधिकारी ने किया राजस्व और वन भूमि का सर्वे कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी और वन मण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने मैदानी अमले के साथ राजस्व और वन विभाग के अभिलेखों का सत्यापन किया। राजस्व विभाग के मिसल में दर्ज भूमिस्वामी और खसरा नंबर का मौके पर मिलान किया गया। वन भूमि के कम्पार्टमेंट की भी जांच की गई। राजस्व निरीक्षक, पटवारी और वन विभाग के बीट गार्डों ने दोनों वन ग्रामों के सीमा क्षेत्र में लगे मुनारों का नक्शे से मिलान किया। एक सप्ताह में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश कलेक्टर ने एक सप्ताह में सर्वेक्षण पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर ने गुरुकुल परिसर गौरेला में नवनिर्मित सर्किट हाउस का निरीक्षण किया। 2.69 करोड़ रुपए की लागत से 906.97 वर्ग मीटर में बने इस सर्किट हाउस में 2 वीआईपी सूट, 4 कमरे और एक मल्टी एक्टीविटी हॉल है। कलेक्टर ने लोक निर्माण विभाग को आवश्यक कमियों को दूर करने के निर्देश दिए।


