स्वच्छता सर्वेक्षण-2025:रायपुर-बिलासपुर समेत 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में स्वच्छता की जांच, इसी से तय होगी ग्रेडिंग

स्वच्छता सर्वेक्षण-2025 के लिए केंद्र की टीम 25 फरवरी के बाद कभी भी छत्तीसगढ़ आ सकती है। टीम राजधानी रायपुर समेत प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का जायजा लेगी और इसके आधार पर शहरों को अंक दिए जाएंगे। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में रायपुर, बिलासपुर आदि शहर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। सभी नगरीय निकायों ने सर्वे के लिए आवश्यक दस्तावेज पहले ही जमा कर दिए हैं।
पिछले साल छत्तीसगढ़ के लिए सर्वे शानदार रहा था। प्रदेश ने 7 राष्ट्रीय पुरस्कार जीते थे, रायपुर को सर्वे में चौथा स्थान मिला और प्रॉमिसिंग शहर का अवार्ड भी हासिल हुआ। छोटे शहरों में बिलासपुर का बिल्हा नगर पंचायत देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित हुआ था। इस परफॉर्मेंस को बनाए रखने के लिए नगरीय प्रशासन विभाग ने सभी निगम, पालिका और पंचायतों को पत्र जारी कर सर्वे से जुड़े सभी मानकों को पूरा करने के निर्देश दिए हैं। केंद्र से मिली सूचना के अनुसार इस हफ्ते दिल्ली में स्वच्छता सर्वे से जुड़े अफसरों की ट्रेनिंग होगी, जो 20 फरवरी तक चलेगी। इसके बाद अफसर अलग-अलग राज्यों में भौतिक सर्वे के लिए भेजे जाएंगे। छत्तीसगढ़ में 25 फरवरी के बाद कभी भी टीम आ सकती है। स्वच्छता सर्वे 2025-26 में कुल अंक 12500 कर दिए गए हैं। इनमें से 10500 अंक ग्राउंड निरीक्षण पर आधारित होंगे। यानी सड़कों, दीवारों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, बाजार और कॉलोनियों में दिखने वाली सफाई से रैंकिंग होगी। नई व्यवस्था में रेड स्पॉट और येलो स्पॉट के लिए अलग-अलग 75 अंक तय किए गए हैं। यदि शहर इन्हें पूरी तरह खत्म नहीं कर पाए, तो सीधे अंक कटेंगे और राष्ट्रीय रैंकिंग नीचे जाएगी। केंद्र से आने वाली सर्वेक्षण टीम बिना पूर्व सूचना शहरों में पहुंचेगी। आवासीय क्षेत्रों के साथ-साथ व्यावसायिक इलाके, सार्वजनिक स्थल, पार्क, पर्यटन स्थल और परिवहन केंद्र भी जांच के दायरे में होंगे। मौके पर फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी और उसी के आधार पर अंक दिए या काटे जाएंगे। ये सब देखेंगे अफसर दिल्ली से आने वाली टीम छत्तीसगढ़ के शहरों में घूम-घूमकर स्वच्छता की स्थिति देखेगी। इसके तहत सरकारी और निजी संस्थानों में साफ-सफाई की स्थिति। भवनों के कार्नर में पान-गुटखे के पीक देखे जाएंगे। बाजारों में कचरों के उठाव की स्थिति, व्यावसायिक क्षेत्रों में रात की सफाई, मैकेनाइज्ड स्वीपिंग हो रही है या नहीं भी देखी जाएगी। सड़कों, नालियों की नियमित सफाई, शौचालयों की स्थिति भी चेक करेंगे। लोग बनेंगे निर्णायक, दे सकेंगे फीडबैक स्वच्छता सर्वे 2025-26 में लोगों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम कर दी गई है। अब लोग केवल तय समय में शिकायत नहीं करेंगे, बल्कि सालभर स्वच्छता एप, माईगव, वोट फॉर माय सिटी पोर्टल और क्यूआर कोड के जरिए फीडबैक दे सकेंगे।

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