धार शहर में स्वच्छता के दावों की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। विधायक बंगले से कुछ ही दूरी पर, एक निजी होटल के पास आदर्श सड़क किनारे कचरे का अंबार लगा हुआ है। यह वही क्षेत्र है जहां से जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी प्रतिदिन गुजरते हैं। हैरानी की बात यह है कि जिस सड़क पर कई प्रशासनिक अधिकारी निवास करते हैं, वहां भी सफाई व्यवस्था बदहाल है। ऐसे में सवाल उठता है कि जब विधायक बंगले और अधिकारियों की मौजूदगी वाले इलाके में यह स्थिति है, तो शहर के अन्य क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था कैसी होगी। नगर पालिका द्वारा लगाए गए कई डस्टबिन या तो भरे पड़े हैं या उनके डिब्बे उखाड़कर ले जाए गए हैं। इसके चलते लोग डस्टबिन का उपयोग करने के बजाय आसपास ही कचरा फेंकने को मजबूर हैं। डस्टबिनों पर ‘स्वच्छ धार, सुंदर धार’ का संदेश लिखा है, लेकिन उनके नीचे कचरे का ढेर देखा जा सकता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि कचरा समय पर उठाया जाए और डस्टबिनों की नियमित निगरानी हो, तो स्थिति में सुधार आ सकता है। इस मामले में नगर पालिका सीएमओ से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। वहीं, धार जिला कांग्रेस प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि नगर पालिका ने शहर में लाखों रुपए खर्च कर डस्टबिन लगाए, लेकिन उनके रखरखाव और सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। फिलहाल, विधायक बंगले और अधिकारियों के आवास के आसपास की ये तस्वीरें नगर पालिका की सफाई व्यवस्था और स्वच्छता अभियान पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।


