अखिल भारतीय संगीत प्रतियोगिता स्वर माधुरी का जयपुर रीजन का अंतिम मेगा ऑडिशन बुधवार को जवाहर कला केंद्र में आयोजित किया गया। इस मेगा ऑडिशन में 125 प्रतिभाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन कर जजों को प्रभावित किया। कार्यक्रम में मरु कोकिला सीमा मिश्रा ने लोक संगीत और सुगम संगीत श्रेणी में तथा डॉ. उमा विजय ने शास्त्रीय संगीत श्रेणी में प्रतिभागियों की प्रतिभा की परख की। इस प्रतियोगिता का आयोजन गायिका सीमा मिश्रा की ओर से स्थापित सीमा मिश्रा राजस्थान लोक संगीत और कला अकादमी के बैनर तले किया जा रहा है। राजस्थान सरकार के पर्यटन, कला और संस्कृति विभाग तथा जवाहर कला केंद्र, जयपुर का भी इसमें सहयोग है। प्रतियोगिता का उद्देश्य संगीत के स्वर साधकों के इस महाकुंभ में स्वर शिरोमणि की खोज करना है। यह टैलेंट हंट शास्त्रीय संगीत, लोक संगीत, और सुगम संगीत की अनरिकॉर्डेड और रिकॉर्डेड श्रेणियों में आयोजित हो रहा है। स्वर माधुरी के तहत जयपुर सहित दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, असम जैसे राज्यों और राजस्थान के विभिन्न शहरों अजमेर, उदयपुर, बीकानेर, सीकर, झुंझुनू आदि में ऑडिशन आयोजित किए गए। अब तक 3,500 से अधिक प्रतिभाओं ने ऑडिशन में भाग लेकर अपने हुनर का प्रदर्शन किया है। 21-22 दिसंबर: राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में मेगा ऑडिशन। 24-25 दिसंबर: सेमीफाइनल राउंड।
26 दिसंबर: फाइनल राउंड।
28 दिसंबर: मेगा फाइनल और ग्रांड फिनाले।
फिनाले का खास आकर्षण:
फाइनल और ग्रांड फिनाले 28 दिसंबर को शाम 5 बजे से महाराणा प्रताप ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर पार्श्व गायिका जसपिंदर नरुला और पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट निर्णायक मंडल में शामिल होंगे। इन्हें स्वर शिरोमणि के सम्मान से नवाजा जाएगा। राष्ट्रीय संपर्क क्रांति परिवार के अध्यक्ष शिव विनायक शर्मा ने बताया कि यह प्रतियोगिता न केवल संगीत की उभरती प्रतिभाओं को मंच प्रदान करती है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर भी देती है। यह मेगा आयोजन संगीत के क्षेत्र में स्वर साधकों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा और उनकी कला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।


