क्राइम फाइल्स के पार्ट 1 में अब तक आपने पढ़ा कि साइकिल से भारत घूमने निकले विदेशी कपल जॉनसन और एमा ने दतिया के एक गांव में हाईवे के किनारे अपना कैंप लगाया। रात के करीब 8 बजे 6-7 लोगों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाश लाठी-डंडों के साथ आए थे, एक के पास बंदूक भी थी। जॉनसन के साथ उन्होंने मारपीट की और पत्नी एमा के साथ गैंगरेप किया। विदेशी दंपती मदद के लिए चीखता रहा, लेकिन जंगल में उनकी आवाज सुनकर मदद करने वाला कोई नहीं था। बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद उनका सामान लूटकर जंगल के अंधेरे में गायब हो गए। पीड़ित विदेशी दंपती मदद के लिए हाईवे पर आ गया। सड़क से गुजर रहे देवेंद्र और उनके साथी दोनों को लेकर दतिया सिविल लाइन थाने पहुंचते हैं। इसके बाद एफआईआर दर्ज कर पुलिस जांच शुरू कर देती है। अब पुलिस के सामने वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों को पकड़ने की बड़ी चुनौती थी, लेकिन कोई सुराग नहीं था। वहां न कोई सीसीटीवी कैमरा था और न ही विदेशी टूरिस्ट उनको पहचानते थे। जॉनसन सिर्फ इतना बता रहे थे कि वो 6-7 लोग हिंदी में बात कर रहे थे। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी कहां गायब हो गए? पुलिस बदमाशों तक कैसे पहुंची? कौन से सबूत केस में अहम साबित हुए…और विदेशी दंपती को न्याय मिल पाया या नहीं…पढ़िए इस रिपोर्ट में… 15 मार्च 2013 की रात विदेशी दंपती के साथ हुई लूट और गैंगरेप की वारदात देशभर में सुर्खियों में आ गई। पर्यटकों के साथ इस वारदात से पुलिस के भी हाथ-पांव फूल गए। पर्यटकों की सुरक्षा पर सवाल उठने लगे। मामला बड़ा और गंभीर था, इसलिए पुलिस ने भी मामले में तत्परता दिखाते हुए कार्रवाई शुरू की। वारदात के दो-तीन घंटे के अंदर ही एफआईआर दर्ज कर ली गई। जॉनसन और एमा के बयान भी लिए गए। थाना निरीक्षक आरके सिंह समय न गंवाते हुए रात को ही एमा और जॉनसन को साथ लेकर घटनास्थल का मुआयना करने निकल गए। कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला
घटनास्थल पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि टेंट और सामान बिखरा हुआ है। दोनों की साइकिलें भी वहीं पड़ी थीं। बदमाश कुछ सामान लूट ले गए थे, लेकिन अंधेरा होने के कारण वहां कोई सबूत हाथ नहीं लगा, जिससे बदमाशों का सुराग लगे। अगले दिन एमा को मेडिकल जांच के लिए ग्वालियर भेज दिया गया। दूसरी तरफ दोनों को पुलिस स्टेशन लाने वाले देंवेंद्र और दीपक के साथ पुलिस दोबारा घटनास्थल का निरीक्षण करने झरिया गांव पहुंची। पुलिस गांव के आस-पास वालों से भी पूछताछ कर रही थी, लेकिन किसी से कोई सुराग हाथ नहीं लगा। पुलिस ने गांव के सुरेश से पूछा- क्या आपने कल रात 5-6 लोगों को एक साथ कहीं आते-जाते देखा, जिनके हाथ में डंडा हो। सुरेश ने साफ इनकार कर दिया। पुलिस ने कुछ और लोगों से इसके बारे में पूछताछ की। विदेशी कपल के अलावा कोई भी घटना का प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और न ही किसी ने बदमाशों को देखा था। अब सबूतों पर ही निर्भर था पूरा केस
अब सिर्फ पुलिस को कोई सबूत ही बदमाशों तक पहुंचा सकता था। इसलिए फिर से घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से छानबीन करने लगी। एक पुलिसकर्मी बोला-सर ये देखिए एक पर्स हमें मिला है। टीआई आरके सिंह ने कहा- अरे पर्स को अच्छे से देखो, इससे हमें कोई सुराग मिल सकता है। पुलिसकर्मी- सर इसमें किसी के वोटर आईडी कार्ड हैं। टीआई- शाबाश! यह आईडी अब हमें गुनहगारों तक पहुंचा सकती है। जंगल में मिले पर्स ने खोले कई राज
पर्स में मिले कार्ड नितिन और विष्णु नाम के व्यक्ति के थे। पुलिस को यहीं से आरोपियों के खिलाफ पहला सबूत हाथ लगा। पते के आधार पर पुलिस ने तुरंत उनके घरों में छापे मारे। घटना के दो दिन बाद यानी 17 मार्च को नितिन और विष्णु कंजर को गिरफ्तार कर लिया। नितिन और विष्णु सफाई नहीं दे पाए कि वहां कार्ड कैसे पहुंचा और खोने की कोई शिकायत भी उन्होंने नहीं की थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर पांच और लोगों के नाम सामने आए। जिनमें रामकंजर, ऋषि बाबा कंजर, भूटा घनश्याम और बृजेश थे। इन सब की उम्र 20 से 22 साल के बीच थी। पुलिस ने इनको घटना के दो दिन बाद 17 मार्च को गिरफ्तार कर लिया। 10 दिन में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल
पुलिस ने 6 आरोपियों पर लूट, गैंगरेप का आरोप तय किया। आरोपी राम कंजर के पास से एक बंदूक भी बरामद हुई, इसलिए उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला भी दर्ज किया गया। दूसरी तरफ आरोपी खुद को बेकसूर बता रहे थे, इसलिए पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ साइंटिफिक एविडेंस भी जुटाने शुरू कर दिए। इन्हीं सबूतों को आधार बनाते हुए पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश कर दिया। पुलिस ने सारी कार्रवाई तेजी से की। अज्ञात अपराधियों को बिना किसी क्लू और पहचान के भी घटना के दो दिनों के अंदर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने 10 दिन के अंदर जांच पूरी कर मामले की चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने भी मामले में तेजी से सुनवाई शुरू की। कोर्ट में एमा ने बताई आपबीती
एमा ने कोर्ट को बताया- मेरे हाथ पीठ के पीछे बांध दिए गए, मैं पूरी तरह असहाय हो गई थी। उसने बताया कि मैं जोर-जोर से चिल्ला रही थी, रो रही थी, लेकिन जंगल में कोई मदद करने नहीं आया। उसका रोना रोकने के लिए एक आरोपी ने उसका गला कसकर पकड़ लिया। हाथापाई के दौरान उसका चश्मा गिरा दिया, जिससे वह और भी असहाय हो गई। एमा ने बताया कि उसने अपनी रिहाई के बदले फिर से पैसे देने की पेशकश की, लेकिन किसी ने उसकी बात नहीं सुनी। इसके बाद दो या तीन लोगों ने उसे घेर लिया, उसकी पैंट और पैंटी उतार दी। फिर 5 से 7 लोगों ने बारी-बारी से उसके साथ बलात्कार किया। जब कुछ लोग उसके साथ बलात्कार कर रहे थे, उसी समय बाकी लोग जाॅनसन को पकड़े हुए थे और वे आपस में अपनी जगह बदलते रहते थे। यह पूरी घटना उसके लिए शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक रूप से भी तोड़ देने वाली थी। जॉनसन ने बताई उस रात की बेबसी
जॉनसन ने कोर्ट में बताया कि पैसे देने के बाद भी आरोपियों ने हमला कर दिया। डंडों से पीटा, मुक्कों से मारा और गला घोंटने की कोशिश की। तीन-चार लोग उसके चारों ओर खड़े थे। जाॅनसन ने बताया कि उसी समय बाकी लोगों ने एमा के हाथ भी बांध दिए और उसे जमीन पर लिटा दिया। वह दूसरी दिशा में बंधा हुआ था और अंधेरा था, इसलिए वह साफ-साफ नहीं देख सका कि कौन-कौन एमा के साथ बलात्कार कर रहा था, लेकिन उसने साफ सुना कि एमा रो रही थी, चिल्ला रही थी और कह रही थी कि लोग उसके साथ बलात्कार कर रहे हैं। बलात्कार के बाद आरोपियों ने उनके ट्रैवल बैग खंगालने शुरू किए। कुछ सामान लेने के बाद उन्होंने एमा की रस्सी काटी और जंगल में गायब हो गए। बाद में दोनों ने जांच की तो पाया कि लैपटॉप, बैटरी, दो जोड़ी इयरफोन, मोबाइल फोन, हेड लैंप और कुछ भारतीय मुद्रा लूट ली गई थी। चार महीने के अंदर कोर्ट ने दिया इंसाफ
जॉनसन और एमा ने सभी 6 आरोपियों की पहचान की। आरोपियों के पास से बरामद किए गए जॉनसन से लूटे गए सामान में आरोपी रामकंजर, भूटा और नितिन के फिंगरप्रिंट के निशान मिले। आरोपियों के बाल, स्मीयर स्लाइड, डीएनए सैंपल लिए गए थे। डीएनए रिपोर्ट में आरोपी रामकंजर, विष्णु, भूटा, बृजेश और नितिन का स्पर्म एमा के शरीर पर पाए गए। जो सामूहिक रेप का सबसे बड़ा सबूत साबित हुआ। कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए घटना के चार महीने के अंदर फैसला सुना दिया। दतिया की स्पेशल कोर्ट ने 20 जुलाई 2013 को सभी 6 आरोपियों को लूट और सामूहिक रेप का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। क्राइम फाइल्स पार्ट-1 भी पढ़ें… स्विटजरलैंड की महिला से पार्टनर के सामने गैंगरेप मध्य प्रदेश क्राइम फाइल्स पार्ट-1 में पढ़िए वह केस, जिसने न सिर्फ मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। मध्य प्रदेश में विदेशी टूरिस्ट के साथ हुए कांड ने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। भारत घूमने निकले स्विट्जरलैंड के कपल ने सोचा भी नहीं होगा कि अगले कुछ महीने उनके लिए कितने डरावने होने वाले हैं। पढ़ें पूरी खबर…


