हंगामे का खौफ…आरयू के वीसी व 3 अधिकारियों ने 3 घंटे खुद को रखा कैद

रांची यूनिवर्सिटी (आरयू) के 14 सरकारी कॉलेजों के इंटर सेक्शन में कार्यरत 170 अस्थाई कर्मचारियों की सेवा एक अप्रैल से खत्म कर दी गई है। सेवा समायोजन को लेकर छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो के नेतृत्व में हटाए गए कर्मचारियों की वीसी डॉ. अजीत कुमार सिन्हा और विवि अधिकारियों से बुधवार को दोपहर दो बजे बातचीत होनी थी। लेकिन, हंगामा और प्रदर्शन के डर से दोपहर दो बजे से पहले ही वीसी और अन्य अधिकारियों ने खुद को अपने चैंबर में कैद कर लिया। प्रशासनिक भवन के मुख्य द्वार, रजिस्ट्रार कार्यालय, वीसी-प्रोवीसी कार्यालय के कॉरिडोर में ताला लटका था। करीब 3 घंटे ऐसी स्थि​ित बनी रही। इधर, छात्र नेता देवेंद्र दो बजे कर्मचारियों के साथ पहु​ंचे। लेकिन ताला लटके होने के कारण मुख्य द्वार पर ही नारेबाजी करने लगे। छात्र आजसू के प्रदेश प्रभारी हरीश कुमार और प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने अफसरों को ताला खोलने के लिए कॉल किया। पुलिस की मौजूदगी में वीसी के पीएस नवीन चंचल ने शाम करीब 5 बजे ताला खोला। वार्ता के लिए 10 प्रतिनिधियों को बुलाया। पर 25 से अधिक लोग घुस गए। तय हुआ कि 13 मई को वार्ता होगी। कॉलेज के इंटर सेक्शन के फंड का ब्योरा लेगा विश्वविद्यालय इंटरमीडिएट के कर्मचारियों के अस्थाई समायोजन होने पर मानदेय के लिए लगभग 10 लाख रुपए हर माह आर्थिक बोझ बढ़ेगा। वीसी ने कहा कि प्रत्येक कॉलेज के इंटर सेक्शन में कितना फंड है, इसका ब्योरा सभी कॉलेज के प्रिंसिपल से मांगा जाएगा। इस फंड से कॉरपस फंड बनाने की योजना पर भी बात हुई। फंड पर मिलनेवाले ब्याज से कर्मचारियों को मानदेय भुगतान में कठिनाई नहीं होगी। कॉलेजों में कर्मियों की नई नियुक्ति नहीं होगी: वार्ता करने आए कर्मचारियों ने कहा कि आरएलएसवाई कॉलेज समेत अन्य कॉलेजों में अस्थाई कर्मियों की नियुक्ति की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर अनुभवी कर्मचारियों को हटाया जा रहा है। वीसी ने कहा कि अब किसी भी कॉलेज में नई नियुक्ति नहीं की जाएगी। इससे संबंधित नोटिस कॉलेजों को भेज दिया जाएगा। वीसी बोले- हटाने का आदेश वापस नहीं ले सकते: वीसी ने कहा-कोर्ट के फैसले के बाद कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद हुई है। न्यू एजुकेशन पॉलिसी-2020 के तहत कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई नहीं हो सकती है, जिस पर अदालत ने मुहर लगा दी है। इसलिए इंटर सेक्शन के कर्मियों को कार्य से हटाने का आदेश वापस नहीं ले सकते हैं। छात्र नेता देवेंद्र महतो ने कहा हर कॉलेज में 10-10 कर्मचारी के समायोजन से इनकी समस्या का समाधान हो जाएगा। कर्मचारियों को रोकने के लिए गेट पर लगाया ताला

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