हजारीबाग के चौपारण प्रखंड की दनुआ घाटी में शनिवार सुबह एक और सड़क हादसा हुआ। दो ट्रकों की टक्कर से एनएच-2 पर यातायात बाधित हो गया। क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य किया गया हादसे में दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। चालक और उपचालक बाल-बाल बच गए। स्थानीय प्रशासन और चौपारण पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत के बाद क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर यातायात सामान्य किया गया। यह पिछले एक महीने में दनुआ घाटी में हुई पांचवीं बड़ी दुर्घटना है। स्थानीय लोग इसे ‘मौत की घाटी’ कहने लगे हैं। घाटी की बनावट और तेज ढलान दुर्घटनाओं का प्रमुख कारण है। सीसीटीवी और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की मांग राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। स्थानीय लोगों ने घाटी में स्पीड कंट्रोल सिस्टम, संकेतक, सीसीटीवी और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की मांग की है। हर हादसे के बाद पुलिस तो पहुंचती है, लेकिन NHAI के अधिकारी शायद ही कभी स्थिति का जायजा लेते हैं।


