हजारीबाग के फुलेश्वर महतो की सक्सेस स्टोरी:लाह की खेती कर कमा रहे लाखों, कहा- सही मूल्य मिले तो समृद्ध हो सकेंगे किसान‎

मेरे पास खेती करने के लिए 4 एकड़ जमीन है। 1000 स्क्वायर मीटर का पॉलीहाउस भी है। जिसमें सिमिया लता के 50000 पौधे तैयार कर रहा हूं।‎ सिमिया लता के पौधे से ही लाह की खेती होती है। इससे लाखों रुपए की आमदनी होती है। बाजार में सिमिया लता के लाह की कीमत 500 से 1000 रुपए‎ तक प्रति किलो तक मिलती है। इस पौधे को लगाने के बाद 5 से 6 साल तक आमदनी होती रहती है। मैं इससे कमाता हूं और किसानों को इसकी खेती के‎ लिए प्रेरित भी कर रहा हूं। दो एकड़ जमीन पर मैंने टमाटर, बैगन, मिर्च, फुलगोभी, बंदा गोभी, ब्रोकली और शिमला मिर्च की नर्सरी तैयार की है। अपना‎ और अपने प्रखंड के किसानों को समय पर खेती के लिए नर्सरी भी उपलब्ध कराता हूं। इससे मेरा और मेरे साथी किसानों का जीवन स्तर बदल गया है।‎ 2018 में किया चैंबर्स ऑफ फार्मर्स का गठन‎ जिले में सैकड़ों किसानों के साथ मिलकर मैंने 2018 में चैंबर्स ऑफ फार्मर्स का गठन किया। चैंबर्स ऑफ फार्मर्स से जिले में चल रही खेती की जानकारी‎ वॉट्सऐप के माध्यम से प्रखंड के किसानों को देता हूं। हजारीबाग में गठित चैंबर्स आफ फार्मर्स की तर्ज पर सरकार ने पूरे राज्य के जिलों में इसका गठन‎ किया है। किसानों के हित के लिए राज्य सरकार ने करोड़ों की योजना बनाई है। अपने प्रखंड में एफपीओ चुरचू वड़ी फल सब्जी प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड‎ चला रहा हूं। हमारे एफपीओ में शेयर धारकों की संख्या 529 है। एफपीओ के माध्यम से किसान ट्रेड करते हैं। किसानों को इससे अच्छी आमदनी होती है।‎ खेती में नई तकनीक अपनाने के लिए सरकार से कृषि संबंधित योजनाओं का समय-समय पर प्रशिक्षण भी लेता हूं। इससे किसानों के साथ मेरी आमदनी‎ भी बढ़ रही है। एफपीओ का अपना एक इनपुट शॉप भी है। इसमें किसानों को सस्ते दर पर खाद, बीज और पौधे मिलते हैं।‎ फुलेश्वर महतो के बारे में‎ जानिए हजारीबाग जिले के चरही क्षेत्र के फुलेश्वर महतो पॉलीहाउस में अपनी नर्सरी के लिए जाने जाते हैं। इनकी नर्सरी में हरी सब्जियों के पौधे तैयार किए जाते‎ हैं। ये करीबन सात वर्षों से क्षेत्र में किसानों को नर्सरी तैयार करने के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं। चरही के चनारो गांव के फुलेश्वर महतो इंटरमीडिएट पास‎ हैं। लेकिन खेती किसानी में निपुण हैं। इनोवेटिव सोच की वजह वह किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। इन्होंने खेती और बागवानी की नई तकनीक से‎ किसानों को काफी प्रेरित किया है। वर्तमान में ये चेंबर ऑफ फार्मर्स हजारीबाग चैप्टर के जिला अध्यक्ष हैं। किसान इनसे बहुत कुछ सीखते हैं।

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