हजारीबाग, कोडरमा, गिरिडीह व गोड्‌डा में मिले रेयर अर्थ मिनरल

रेयर अर्थ मिनरल्स के मामले में अकेला झारखंड पाकिस्तान पर भारी साबित होने जा रहा है। गोड्डा के रतनपुर गांव के पास पांच किमी इलाके में रेयर अर्थ मिनरल्स होने के संकेत मिले हैं। यहां खास तौर पर लैंथेनम, सीजियम, इट्रीयम और सीरियम हैं। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया की ओर से इसकी व्यापक संभावनाओं का पता लगाया जा रहा है। नेशनल मिशन ऑन क्रिटिकल मिनरल्स की ओर से भी जल्दी ही यहां काम शुरू होने की उम्मीद है। हजारीबाग के अंबाजीत और कोडरमा के अभ्रक खदानों में भी रेयर अर्थ मिनरल मिलने के संकेत मिले हैं। दुनियाभर में रेयर अर्थ मिनरल्स के लिए शुरू हुई जोर-आजमाइश के बीच झारखंड में भी इसकी खोज तेज कर दी गई है। इंडियन स्कूल ऑफ माइंस के जियोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसरों ने शोध में पाया है कि धनबाद के आसपास की कोयला खदानों में रेयर अर्थ मिनरल के स्रोत हैं। -शेष पेज 11 पर गोड्डा के रतनपुर गांव के पास पांच किलोमीटर इलाके में लैंथेनम,सीजियम, इट्रीयम और सीरियम होने के संकेत मिले झारखंड में मिल रहे किस रेयर मिनरल का कहां होता है उपयोग सीजियम: एटोमिक क्लॉक और नाइट विजन ग्लास बनाने में इसका उपयोग होता है। इट्रीयम: उच्च तापरोधी होने के कारण इनसे युद्धक विमान बनाए जाते हैं। सुपर कंडक्टर बनाने में भी इसका उपयोग होता है। लैंथेनम : यह काफी उच्च तापमान को भी सहन कर जाता है, इसलिए युद्ध के उपकरण इससे खास तौर पर बनाए जाते हैं। सीरियम: इससे बने उपकरणों पर एसिड अटैक का असर नहीं होता है। कोडरमा में खदान से अभ्रक निकालता युवक। क्यों कहते हैं रेयर अर्थ मिनरल… झारखंड में प्रचूर मात्रा में है रेयर अर्थ मिनरल्स, अवैध खनन पर रोक लगे झारखंड में रेयर अर्थ मिनरल्स के मिलने की संभावना बहुत अधिक है। अभ्रक बेल्ट में रेयर अर्थ मिनरल्स मिलते हैं। झारखंड में पर्याप्त मात्रा में रेयर मिनरल्स है, लेकिन इसपर अब तक किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। अब सरकार ने ध्यान देना शुरू किया है। माईका बेल्ट के खदानों को सरकार अब फिर से रिवाइज कर रही है। भारत अभी रेयर अर्थ मिनरल्स के संशोधन के मामले में पीछे है। संशोधन की टेक्नॉलॉजी के मामले में हम अभी बहुत पीछे हैं। जहां रेयर अर्थ मिनरल्स है वहां अवैध खनन पर सरकार को तुरंत रोक लगानी चाहिए। अवैध खनन से देश का बड़ा नुकसान हो रहा है। -प्रोफेसर विजय सिंह, पूर्व अध्यक्ष जियोलॉजी विभाग, रांची विश्वविद्यालय युद्ध व टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर भी रेयर अर्थ मिनरल है अहम रेयर अर्थ मिनरल पाने के लिए देशों के बीच होड़ इसलिए लगी है कि इनके बिना युद्ध ही नहीं, टेक्नोलॉजी के मोर्चे को भी फतह करना मुश्किल है। स्मार्टफोन से लेकर आपके कंप्यूटर और तमाम इलेक्ट्रॉनिक सामान, सेमीकंडक्टर्स, बिजली से चलने वाली कारें, विमानों के इंजन, इलाज के उपकरण, रिफाइनिंग और यहां तक कि युद्ध में इस्तेमाल होने वाली मिसाइल्स और रडार सिस्टम तक नहीं बन पाएंगे। भू-तत्व वैज्ञानिकों ने धनबाद के आसपास की कोयला खदानों में भी रेयर अर्थ मिनरल के स्रोत की जानकारी दी है ये 17 रासायनिक तत्व के समूह हैं, जो दुनिया में काफी दुर्लभ हैं। इन्हें निकालने और उपयोग लायक बनाने के लिए प्रोसेसिंग करना और भी मुश्किल है। इनके तहत आने वाले तत्व सीजियम, इट्रीयम, लैंथेनम, सीरियम, प्रेजोडियम, नियोडेमियम, प्रोमेथियम, समैरियम,यूरोपियम, गैडोलीनियम, टर्बियम, डिस्प्रोसियम, होल्बियम, थुल्मियम, एर्बियम, यटरबियम और ल्यूटेटियम हैं।

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