हजारीबाग पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। गुप्त सूचना के आधार पर लोहसिंघना थाना प्रभारी के नेतृत्व में सशस्त्र बल की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुख्यात अपराधी मो. दानिश इकबाल को गिरफ्तार कर लिया। दानिश बिहार के गया जिले के शेरघाटी थाना क्षेत्र के रमना मोहल्ला का निवासी है। गिरफ्तार दानिश इकबाल झारखंड और बिहार के कई जिलों में सक्रिय कुख्यात उत्तम यादव गिरोह का सदस्य है। यह गिरोह हत्या, लूट, फिरौती, अपहरण और गोलीकांड जैसी गंभीर घटनाओं में लिप्त रहा है। गिरोह के सरगना उत्तम यादव को कुछ दिन पहले ही हजारीबाग पुलिस ने चतरा जिले में एक मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस को इस गिरोह के अन्य सदस्यों की लंबे समय से तलाश थी। पुलिस कई महीनों से उसकी तलाश कर रही थी पुलिस के अनुसार, दानिश इकबाल हजारीबाग के उदय साव हत्याकांड का मुख्य शूटर है। पुलिस कई महीनों से उसकी तलाश कर रही थी। गुप्त सूचना मिली थी कि वह नगवा हवाई अड्डा के पास किसी वारदात की योजना बनाने पहुंचा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए इलाके की घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। तलाशी के दौरान पुलिस ने दानिश के पास से चार मोबाइल फोन, 11 सिम कार्ड, एक राउटर, फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड सहित कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में दानिश ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है उसने स्वीकार किया है कि वह हजारीबाग के उदय साव हत्याकांड और गया के अनवर अली हत्याकांड सहित कई गंभीर आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अब उससे लगातार पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सक्रिय सदस्यों और उनके ठिकानों का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दानिश इकबाल पर बिहार सरकार ने 50 हजार रुपए का इनाम भी रखा था। हजारीबाग पुलिस का यह अभियान अपराध पर लगाम लगाने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है।


