राजधानीवासियों के लिए ‘लोकवन’ के दरवाजे क्या खुले, प्रकृति प्रेमियों का तांता लग गया। मंगलवार को दूसरे ही दिन 4213 लोग फूलों की खुशबू और झरनों के बीच सुकून तलाशने पहुंचे। 55 एकड़ में फैले इस खूबसूरत उद्यान में फिलहाल गेट नंबर 2 से दोपहर 1 बजे तक एंट्री मिल रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर कोई यहां के शानदार फव्वारों और दुर्लभ फूलों के साथ सेल्फी लेता नजर आया। उद्यान प्रभारी निलेश रासकर ने बताया कि लोकवन में मौजूद ‘कल्पतरु’ वृक्ष लोगों के बीच चर्चा का केंद्र है। मान्यता है कि इस पेड़ के पास मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसके अलावा यहां ‘तीन मुखी रुद्राक्ष’ का दुर्लभ पेड़ भी है। हालांकि, सुरक्षा और संरक्षण के लिहाज से इन खास पेड़ों के दीदार फिलहाल वीआईपी अतिथियों को कराए जा रहे हैं। 30 साल का रिश्ता: गार्डनर बालक उरांव पिछले तीन दशकों से लोकभवन के हजारों फूलों की सेवा कर रहे हैं। उनके साथ 80 कर्मचारियों की टीम सुबह 8 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक बगीचे को तराशती हैं।


