साइंस कॉलेज मैदान के सामने 6.13 करोड़ की लागत से बनी चौपाटी को हटाने के 20 दिन बाद ही नालंदा-2(हाईटेक लाइब्रेरी) के लिए वर्कऑर्डर जारी कर दिया गया। नगरीय प्रशासन विभाग ने 12 दिसंबर को इस संबंध में वर्क ऑर्डर जारी किया। निर्माण का ठेका रायपुर के मेसर्स पांडेय एजेंसी को 20 करोड़ में दिया गया है। निर्माण एजेंसी को जुलाई 2027 तक काम पूरा करना होगा। इधर, वर्कऑर्डर जारी होने के साथ ही नालंदा-2 का निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। निर्माण के पहले चौपाटी में लगाए गए टेंसाइल कैनोपी(लाइट) व बिजली खंभों को हटाने का काम शुरू कर दिया गया है। इसके बाद यहां लगे पेवर ब्लॉक व टाइल्स को भी हटाया जाएगा। साथ ही फाउंडेशन के लिए खुदाई भी शुरू हो गई है। ज्ञात हो कि कांग्रेस शासन काल में बनी साइंस कॉलेज चौपाटी को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन हुआ था। तब पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने यहीं पर नालंदा-2 बनाने की बात को लेकर लंबा प्रदर्शन किया। मामला कोर्ट भी गया, लेकिन इसी स्थान पर 60 दुकानों के साथ स्मार्ट सिटी ने चौपाटी शुरू की। सत्ता परिवर्तन हुआ और मूणत विधायक बने। इसके बाद फिर से इसी स्थान पर नालंदा-2 बनाने और क्षेत्र को एजुकेशन हब बनाने की कवायद शुरू की। इसके चलते नवंबर में ही नगरीय प्रशासन विभाग ने नालंदा-2 निर्माण के लिए टेंडर जारी किया और भारी विरोध के बीच 22 नवंबर को चौपाटी को आमानाका ब्रिज के नीचे शिफ्ट कर दिया गया। आमानाका ब्रिज के नीचे लगाए जाएंगे कैनोपी नालंदा-2 का निर्माण शुरू होने के साथ ही साइंस कॉलेज की पुरानी चौपाटी स्थल से कैनोपी और बिजली के खंभों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। इन कैनोपी को नई चौपाटी स्थल पर दोबारा लगाया जाएगा। निगम प्रशासन की मानें तो अगले दो से चार दिनों में आमानाका ब्रिज के नीचे कैनोपी लगा दी जाएगी। इससे नई चौपाटी स्थल पर रौनक बढ़ जाएगी। तीन मंजिला होगी इमारत
नालंदा-2 लाइब्रेरी तीन मंजिला होगी। यहां ऑक्सी रीडिंग जोन, सेंट्रल लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी, हाई-टेक कंप्यूटर व फ्री वाई-फाई जैसी तमाम सुविधाएं होंगी। इससे नालंदा-1, सेंट्रल लाइब्रेरी और तक्षशिला में चल रही भारी वेटिंग से युवाओं को राहत मिलेगा। नालंदा-2 का निर्माण शुरू, लेकिन चौपाटी नहीं
बता दें कि चौपाटी को शिफ्ट हुए 32 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक नई जगह पर चौपाटी शुरू नहीं हो पाई है। स्मार्ट सिटी ने बिजली, पानी, स्ट्रीट लाइट जैसी बेसिक सुविधाएं तो दी है, लेकिन अब भी यहां पर कई काम बाकी है। युवाओं को अच्छी सुविधा मिलेगी
नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी में बड़ी संख्या में छात्रों की वेटिंग लिस्ट है। इसे देखते हुए 1000 सीटर नालंदा परिसर-2 लाइब्रेरी निर्माण की स्वीकृति दी है। लाइब्रेरी बन जाने से वेटिंग लिस्ट खत्म होगी और युवाओं को लाभ मिलेगा।
– मीलन चौबे, महापौर चौपाटी वैध, जिम्मेदारों से वसूली हो
जब विधानसभा में चौपाटी को वैध माना गया है, तब चौपाटी में लगे 6.13 करोड़ रुपए और इसकी शिफ्टिंग में हुए खर्च की वसूली विधायक राजेश मूणत, महापौर मीनल चौबे और विभाग के जिम्मेदार अफसरों से होनी चाहिए।
– आकाश तिवारी, नेता प्रतिपक्ष मैदान में होते हैं कई कार्यक्रम
साइंस कॉलेज मैदान में महीने में 22 दिन विविध कार्यक्रम होते हैं। ऐसी जगहों पर लगातार शोर रहता है तो क्या युवाओं को उस लाइब्रेरी में शांति मिलेगी और क्या वे सही तरीके से पढ़ पाएंगे। यह जिद केवल जिद का परिणाम है।
– विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक


