अन्नपूर्णा यूटिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की ओर से रिम्स में बहाल किए गए सफाई कर्मियों ने समय से वेतन नहीं मिलने की बात कह गुरुवार को अचानक काम बंद कर दिया। सफाई कर्मियों की आेर से हड़ताल पर जाने का पूर्व से कोई सूचना नहीं दी गई थी। रिम्स प्रबंधन ने अन्नपूर्णा यूटिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर आवश्यक सेवाओं को बाधित करने के आरोप में एफआईआर करने का निर्णय लिया है। रिम्स प्रबंधन की ओेर से कहा गया है कि अन्नपूर्णा यूटिलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के कर्मियों का दिसंबर 2024 तक भुगतान किया जा चुका है। जनवरी का विपत्र एजेंसी द्वारा फरवरी के अंत में जमा किया गया है और फरवरी का विपत्र अब तक प्राप्त नहीं हुआ है। एजेंसी की ओेर से वेतन भुगतान में अपने कर्मियों को निरंतर गुमराह करने का इतिहास रहा है। टेंडर शर्तों के अनुसार, अगर किसी कारण से संस्थान की ओेर से पैसे के भुगतान में विलंब हो रहा है तो एजेंसी को अपने कर्मियों का भुगतान करते रहना है। हालांकि अन्नपूर्णा एजेंसी ने इस नियम का पालन नहीं किया है। निदेशक प्रो. डॉ. राजकुमार ने एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिए हैं। फिलहाल रिम्स के प्रशासनिक पदाधिकारी द्वारा पैसे की भुगतान का आश्वासन दिए जाने के बाद सफाई कर्मी अपने काम पर वापस लौट गए हैं।


