एनएचएम के कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से शहर के लगभग सभी स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण बंद है। स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को शिशु संरक्षण माह की शुरुआत की, वहीं हड़ताल के चलते रायपुर में बहुत से परिवार बच्चों के टीकाकरण के लिए भटकते दिखे। कालीबाड़ी स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में भीड़ बढ़ी हुई थी। मौके पर भास्कर पहुंचा। वहां माता-पिता अपने नवजात और छोटे बच्चों को गोद में लिए कतार में खड़े दिखे। जो लाइन में थे, वे पसीने से तरबतर हो रहे थे। टीका लगवाने लाइन इतनी लंबी है कि यहां विवाद हो भी रहा था। एक महिला गार्ड यहां विवाद सुलझाने का काम कर रही थी। लाइन में खड़े-खड़े बच्चे भी रोते रहे। एक स्टाफ ने बताया कि पूरे अस्पताल में टीकाकरण का एक ही काउंटर होने के चलते ऐसी स्थिति हो रही है। रोजाना पहले यहां 40-50 बच्चों को टीका लगता था। अब यहां 150 बच्चे पहुंच रहे हैं। लेकिन यहां 80 को ही टीका लग पा रहा है। अधिकारी बोले – काउंटर बढ़ाएं भी तो कैसे, स्टाफ नहीं : एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल से पूरे जिले में स्वास्थ्य व्यवस्था पर असर पड़ा है। शहर के लगभग सभी हमर क्लीनिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में कुछ तो रेगुलर स्टाफ हैं, जो मरीजों को देख रहे हैं, लेकिन इनका भी 50 फीसदी काम प्रभावित हो रहा है। यही हाल जिला अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों में भी है। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रेगुलर स्टाफ पर ही सारा बोझ आ गया है। जितने स्टाफ हैं, उन्हीं से काम चलाया जा रहा है। इसके चलते काउंटर बढ़ाने की सोच भी लें तो इसके लिए स्टाफ नहीं मिलेंगे। इसके ठीक विपरित, पूरे शहर में स्वास्थ्य केंद्र बंद होने से टीकाकरण का भार कालीबाड़ी अस्पताल पर ही आ गया है। रोजाना दुगनी भीड़ आ रही है। गर्मी से रोता रहा बच्चा
संतोषी नगर से आई जुलेखा ने बताया कि वह अपने छोटे पोते को लेकर अस्पताल आई है। बच्चे का पिता लाइन में लगा है, गर्मी की वजह से वह रोने लगा था, इसके चलते वह पोते को लेकर पंखे के नीचे खड़ी थी। साढ़े तीन घंटे बाद नंबर
तेलीबांधा से आए पिंटू ने बताया कि वह 9 बजे अस्पताल आया। पर्ची ऑनलाइन कटाने कहा गया, इसमें ही उसे 20 मिनट लग गए। इसके बाद से 12.30 बजे उसका नंबर आया, तब उसके 4 माह के बच्चे को टीका लग पाया। पर्ची कटाने का प्रपंच
सुरुचि ने बताया कि वह अपने 9 माह के बच्चे को टीका लगवाने सुबह 11 बजे अस्पताल पहुंची थी। पहले तो पर्ची कटवाने के लिए उसे प्रपंच करना पड़ा। 2 घंटे वह लाइन में ही खड़ी रही, तब नंबर आया। पति-पत्नी लगे लाइन में
फरिश्ता कॉम्प्लेक्स निवासी सत्यनारायण ने बताया कि वे 10.30 बजे से लाइन में खड़े हैं। दो लाइन में दोनों पति-पत्नी एक-एक बच्चे को लेकर खड़े थे। लेकिन दो घंटे बाद भी उनका नंबर नहीं आया था। 16 हजार से ज्यादा कर्मचारी गए हड़ताल पर
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और अन्य संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल लंबी खिंचती जा रही है। करीब 16 हजार कर्मियों के हड़ताल के चलते प्रदेशभर में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में अव्यवस्था का माहौल है। मरीज इलाज और टीकाकरण के लिए भटक रहे हैं। ये हैं इनकी प्रमुख मांगें: {संविलियन एवं स्थायीकरण {ग्रेड पे निर्धारण {कार्य मूल्यांकन में पारदर्शिता {27% लंबित वेतन वृद्धि {अनुकंपा नियुक्ति {महिला कर्मियों के लिए विशेष अवकाश नीति {10 लाख का कैशलेस मेडिकल बीमा। टीकाकरण अभियान शुक्रवार को शुरू हुआ है। आप जो बता रहे हैं, इसे दिखवाता हूं। अगर माताओं को परेशानी हो रही है तो जल्द ही इसका निराकरण करवाया जाएगा।
– मिथिलेश चौधरी, सीएमएचओ, रायपुर


