हत्या कबूल करवाने दबाव: दशगात्र में गए परिवार को बंधक बनाए रखा

भास्कर न्यूज | कवर्धा पिपरिया थाना क्षेत्र के ग्राम बरदुली के एक परिवार को पेंडरवानी गांव (खैरागढ़) में 3 दिन तक बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। हत्या कबूल करने उन पर दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित परिवार किसी तरह चंगुल से भाग निकले। डर के चलते खैरागढ़ थाने न जाकर पीड़ित परिवार ने पिपरिया थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इस पर पुलिस ने 26 आरोपियों के खिलाफ अपराध कायम किया है। मामला 27 मार्च से 29 मार्च 2025 का होना बताया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित सनत साहू ग्राम बरदुली (थाना पिपरिया) का रहने वाला है। पीड़ित सनत ने पिपरिया थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है। बताया कि ग्राम पेंंडरवानी (खैरागढ़) के आरोपी शिवकुमार साहू और उसके परिवार सहित गांव के अन्य लोगों ने उन्हें, उनकी पत्नी फुलबाई, दामाद अशोक और पुत्री अराधना को 27 मार्च से 29 मार्च 2025 की सुबह 10 बजे तक बंधक बनाकर रखा। आरोप है कि इन लोगों ने मृतक कुलेश्वर की हत्या में सनत की पुत्री हंसईया बाई को जबरन शामिल बताने और हत्या कबूल करवाने का दबाव बनाया। प्रार्थी सनत ने बताया कि उसकी पुत्री हंसईया की शादी 3 साल पहले शिवकुमार साहू से हुई थी। दोनों का एक बेटा मानस है। हंसईया अपने पहले पति से हुई बेटी वर्षा को लेकर पेंडरवानी (खैरागढ़) गई थी। शिवकुमार की पहली पत्नी से 3 संतान हैं- कुलेश्वर, डलेश्वरी और लक्ष्मी। कुलेश्वर रायपुर में रहता था। वह होली पर 13 मार्च को गांव आया था। 14 मार्च को वह लापता हो गया। 18 मार्च को उसकी लाश कोगिया कला, थाना परपोंडी (बेमेतरा) के खेत में मिली। पोस्टमार्टम में धारदार हथियार से गला काटकर हत्या की पुष्टि हुई। 22 मार्च को पुलिस ने आरोपी खेलन उर्फ घसिया साहू को गिरफ्तार किया। उसने हत्या कबूल की। पिपरिया टीआई सिद्धार्थ सिंह चौहान ने बताया कि पीड़ित सनत की शिकायत पर पर बीएनएस की धारा 127(2), 296, 351(3), 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज किया है। घटना खैरागढ़ थाना क्षेत्र का है। पीड़ित परिवार वहां जाने से डर रहे थे, इसलिए पिपरिया थाने में एफआईआर लिखी गई। खैरागढ़ पुलिस को केस हैंडओवर की जाएगी। 18 मार्च को अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे प्रार्थी सनत को गांव वालों ने धमकाया। कहा कि हंसईया ने ही कुलेश्वर की हत्या की है। पहले उसे जलाओ, फिर कुलेश्वर का दाह संस्कार करेंगे। फिर 26 मार्च को दशगात्र में शामिल होने पहुंचे प्रार्थी सनत और उसके परिवार को 27 मार्च की शाम आरोपी शिवकुमार और उसके परिवार ने रोक लिया। कहा गया कि जब तक हंसईया से हत्या कबूल नहीं कराओगे, तब तक नहीं जाने देंगे। रात में गांव की बैठक बुलाई गई। इसमें करीब 100 लोग शामिल हुए। बैठक में गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। घटना पेंडरवानी (खैरागढ़) की है, लेकिन पीड़ित परिवार शिकायत करने वहां थाने जाने से डर रहे थे। इस पर पिपरिया थाने में लिखित शिकायत की है। पुलिस ने 26 आरोपियों पर एफआईआर दर्ज किया है। इनमें आरोपी शिवकुमार, खेलन, धनैया बाई, रामदुलार, गंगाधर, प्रकाश, लक्ष्मण, मानबती बाई, राम्हीन बाई, कांती बाई, गीता बाई, देवलाल, बनेश, छोटु, जागेश्वर, डलेश्वरी बाई, लक्ष्मी, लेगु साहू, तारनी, केशो, देवकरण, दुलारू, विष्णु, फत्ते, लाला, अश्वनी और अन्य शामिल हैं।

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