अपने ही साथी की गला दबाकर हत्या करने वाले दो आरोपियों को हरसूद कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। तीनों धनवानी ग्राम के बैकवाटर में मछली पाइंट पर काम करते थे। साल 2022 में उनके बीच खाना बनाने की बात पर झगड़ा हुआ था। झगड़े में दो कर्मचारियों ने खाना बनाने वाले तीसरे साथी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। अभियोजन की ओर से केस की पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक रवींद्र पंवार ने बताया जूनापानी ग्राम में रहने वाला अर्जुन उर्फ दीपक उर्फ भंडारी धनवानी के मछली पाइंट पर खाना बनाने का काम करता था। उसी पाइंट पर आत्माराम पिता बंशीलाल व विश्राम पिता कोमल निवासी जूनापानी ग्राम भी काम करते थे। 21 नवंबर, 2022 की रात अर्जुन ने खाना नहीं बनाया। इसी बात पर आत्माराम और विश्राम ने उसके साथ गाली गलौज की। उनके बीच विवाद बढ़ गया तो आरोपियों ने रस्सी से अर्जुन की गला घोंटकर हत्या कर दी। उसके बाद उसके शव को झागरिया के बैकवाटर में फेंक दिया। वहीं आरोपियों ने मछली पाइंट प्रबंधन को बोल दिया था कि अर्जुन अपने गांव गया हुआ है। शव पानी में फूलकर ऊपर आया तो खुलासा हुआ इधर, अर्जुन का शव पानी में फूलकर ऊपर आया तो घटना का पता चला। पीएम रिपोर्ट में गला दबाकर मारने की बात सामने आई। इस पर पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर छानबीन शुरू की। पुलिस ने पाइंट के कर्मचारियों से पूछताछ की तो पता चला कि घटना वाली रात आत्माराम व विश्राम अर्जुन को बाइक पर बैठाकर अपने साथ ले जा रहे थे। इनके बीच खाना न बनाने की बात पर विवाद भी हुआ था। शक के बिनाह पर दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो वह टूट गए। उन्होंने हत्या करना कबूल लिया था। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में अभियोग पत्र पेश किया।


