मऊगंज जिले में एक हत्या प्रकरण के पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। परिवार ने फरार आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी और लगातार मिल रही धमकियों पर कार्रवाई की मांग की है। ग्राम कोन निवासी सोहनलाल कुशवाहा ने बताया कि 30 सितंबर 2025 को आरोपी शिरवेन्द्र कुमार पाठक और उसके परिजनों ने उनके पिता छोटेलाल कुशवाहा, चचेरे भाई कृष्णा कुशवाहा सहित परिवार के अन्य सदस्यों पर लाठी-डंडों और टांगे से हमला किया था। इस हमले में छोटेलाल कुशवाहा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। छोटेलाल कुशवाहा को पहले हनुमना, फिर मिनर्वा अस्पताल और बाद में संजय गांधी चिकित्सालय रीवा ले जाया गया। 7 अक्टूबर की रात उनकी मौत हो गई। पुलिस की पकड़ से दूर शिरवेन्द्र पाठक प्रार्थी सोहनलाल कुशवाहा के अनुसार, मुख्य आरोपी शिरवेन्द्र पाठक अभी भी फरार है। वहीं, 5 दिसंबर की शाम आरोपी के चाचा अखिलेश पाठक और रिश्तेदार उमाकांत पाठक ने उनके घर पहुंचकर समझौता करने का दबाव डाला और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि आरोपी पक्ष लगातार धमकी दे रहा है कि “जिसने भी अदालत में गवाही दी, उसका अंजाम छोटेलाल जैसा होगा।” शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2005 में भी प्रार्थी के चाचा रामकरण कुशवाहा की हत्या इसी आरोपी परिवार के सदस्यों द्वारा की गई थी, जिस पर हत्या का प्रकरण दर्ज हुआ था। पीड़ित परिवार ने एसपी मऊगंज से अनुरोध किया है कि फरार आरोपी को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही, लगातार मिल रही धमकियों पर सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित और गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी ने पीड़ित की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने थाना प्रभारी हनुमना को आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं।


