करौली जिला एवं सत्र कोर्ट ने सोमवार को वर्ष 2019 के एक हत्या मामले में फैसला सुनाया है। कोर्ट ने ग्राम खेड़ा, थाना मासलपुर में हुई इस हत्या के चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश माधवी दिनकर ने रामसहाय पुत्र हजारी, विजय सिंह पुत्र श्रीपत, कमल सिंह पुत्र श्रीपत और बनेसिंह उर्फ विष्णु पुत्र श्रीपत को हत्या का दोषी ठहराया। ये सभी आरोपी मोठियापुरा, थाना सरमथुरा, जिला धौलपुर के निवासी हैं। न्यायालय ने प्रत्येक दोषी को आजीवन कारावास के साथ 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। लोक अभियोजक एवं राजकीय अधिवक्ता रीतेश सारस्वत ने बताया कि यह घटना 31 जुलाई 2019 को हुई थी। आरोपियों ने मोठियापुरा निवासी जमनालाल पुत्र रामबक्श की ग्राम खेड़ा, थाना मासलपुर क्षेत्र में हत्या कर दी थी। घटना के बाद पुलिस ने जांच पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था, जिसके बाद मामले की सुनवाई शुरू हुई। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कुल 30 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 83 दस्तावेजी साक्ष्य न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए। इन साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर न्यायालय ने सभी आरोपियों को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। इस मामले में परिवादी की ओर से अधिवक्ता नवल किशोर शर्मा ने पैरवी की, जबकि सरकार का पक्ष लोक अभियोजक रीतेश सारस्वत ने रखा।


