हनुमानगढ़ टाउन में संत शिरोमणि गुरु रविदास की 649वीं जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। गुरु रविदास सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर एक विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया। आयोजन की शुरुआत गुरु रविदास जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन, पूजा-अर्चना और आरती के साथ हुई। इसके बाद 23वें विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था अनुशासित और सुव्यवस्थित रही, जिसे समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने संभाला। इस अवसर पर समिति सदस्यों ने संत गुरु रविदास जी के जीवन और उनके संदेशों पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने बताया कि गुरु रविदास जी ने समाज को समानता, सामाजिक समरसता और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उन्होंने अपने विचारों और कार्यों से जातिवाद, ऊंच-नीच और भेदभाव का विरोध किया, तथा प्रेम, करुणा और मानवता को सर्वोपरि बताया। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और सकारात्मक दिशा देने के लिए प्रासंगिक हैं। समिति पदाधिकारियों ने युवाओं से गुरु रविदास जी के बताए मार्ग पर चलने और सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने जोर दिया कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में एकता, सहयोग और सद्भाव को मजबूत करते हैं। कार्यक्रम में समिति अध्यक्ष सुशील रेगर, उपाध्यक्ष रोशन रेगर, सचिव बंटी रेगर, कोषाध्यक्ष कर्ण रेगर, आत्माराम रेगर, पुरखाराम, हरीश रेगर, रोहतास रेगर, कुलदीप रेगर, मनोहर रेगर, डॉ. विजय रेगर, गोविंद रेगर, सचिन रेगर, सतीश रेगर सहित अनेक सदस्य, समाजसेवी और नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।


