हनुमानगढ़ में बुधवार को ठंड का असर बढ़ गया, जहां जिला मुख्यालय और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह से ही पूरे क्षेत्र में विजिबिलिटी 20 से 30 मीटर तक सीमित हो गई। कोहरे के साथ इतनी अधिक ओस गिरी कि यह बारिश जैसी महसूस हुई, जिससे वाहनों, पेड़ों और छतों से पानी टपकता दिखा। सड़कों पर नमी और फिसलन के कारण वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घने कोहरे के कारण सुबह के समय हाईवे और शहर की प्रमुख सड़कों पर वाहनों की रफ्तार धीमी रही। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और ग्रामीण क्षेत्रों से शहर आने वाले लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कतें हुईं। कई स्थानों पर वाहन चालकों को हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। रोडवेज बसों और निजी वाहनों के साथ-साथ रेलवे ट्रैक पर भी ट्रेनों की गति प्रभावित हुई। बढ़ती ठंड और नमी का असर खेती पर भी देखा गया। खेतों में खड़ी सरसों और गेहूं की फसलों पर ओस की मोटी परत जम गई। कृषि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि लगातार कोहरा और अधिक नमी रहने से फसलों में रोग लगने की आशंका बढ़ सकती है। इसके अलावा, तापमान में गिरावट के कारण पाले का खतरा भी बना हुआ है। किसानों को सतर्क रहने और आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई करने की सलाह दी गई है। कोहरे और ठंड के चलते सुबह के समय बाजारों में भी सुस्ती छाई रही। लोग देर से घरों से निकले और ठंड से बचने के लिए अलाव तथा हीटर का सहारा लेते दिखे। चाय की दुकानों पर भीड़भाड़ बनी रही। मौसम विभाग ने अगले एक-दो दिन तक सुबह और रात के समय कोहरा छाए रहने की संभावना जताई है, साथ ही रात के तापमान में और गिरावट आने की आशंका है। प्रशासन ने वाहन चालकों से सावधानी बरतने और धीमी गति से वाहन चलाने की अपील की है।


