हनुमानगढ़ में न्यूनतम तापमान गिरकर 2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। कड़ाके की ठंड से फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं। हालांकि, रविवार को दिन में धूप निकलने से लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली। गिरते तापमान का सबसे अधिक प्रभाव फसलों पर देखा जा रहा है। किसानों को रात में अत्यधिक ठंड और पाला पड़ने की आशंका है। विशेष रूप से खुले खेतों में लगी सब्जियां और सरसों की फसल पाले की चपेट में आने की संभावना बढ़ गई है। कुछ क्षेत्रों में सरसों के पत्तों में पीलापन भी देखा गया है। पाले के प्रभाव को कम करने के लिए कई किसानों ने रात में फसलों की सिंचाई शुरू कर दी है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, दिन में धूप और रात में अत्यधिक ठंड का यह उतार-चढ़ाव फसलों के लिए हानिकारक होता है। यदि अगले कुछ दिनों तक रात का तापमान इसी तरह कम बना रहा, तो फसल उत्पादन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे फसलों की नियमित निगरानी करें और आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई या धुआं करने जैसे उपाय अपनाएं। सुबह और शाम को ठंड बढ़ने से आमजन की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। सुबह और देर रात सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है। ठंड से बचाव के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं।


