हनुमानगढ़ जिले में सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी सुबह के समय घनी धुंध छाई रही। कम दृश्यता के कारण शहर और हाईवे पर यातायात धीमा रहा। वाहन चालकों को हेडलाइट और पार्किंग लाइट जलाकर चलना पड़ा, जिससे बसों और निजी वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों की तरह हनुमानगढ़ में भी धुंध और ठंड का असर अभी बने रहने की संभावना है। गौरतलब है कि रविवार सुबह भी घनी धुंध छाई थी और दिनभर हल्की धुंध बनी रही। रविवार सुबह के वक्त कुछ स्थानों पर दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई थी। इसके चलते ऑफिस, स्कूल और बाजार जाने वालों को सावधानी बरतनी पड़ी। विशेषकर स्कूली बसों के कारण वाहन चालक अतिरिक्त सतर्कता से वाहन चलाते दिखे। फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए फायदेमंद
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि जहां एक ओर धुंध आमजन के लिए परेशानी का सबब बन रही है, वहीं रबी फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। धुंध और ठंडक के कारण खेतों में नमी लंबे समय तक बनी रहती है, जिससे गेहूं और चने जैसी फसलों को लाभ मिलता है।
कृषि जानकारों के अनुसार, इस स्थिति में सिंचाई के अंतराल को बढ़ाया जा सकता है। यदि तापमान अत्यधिक न गिरे और पाला न पड़े, तो ऐसी परिस्थितियां फसलों की बेहतर बढ़वार के लिए अनुकूल मानी जाती हैं।


