हनुमानगढ़ में 10 दिवसीय क्षारसूत्र शिविर:बवासीर, भगंदर का आयुर्वेद और योग से उपचार; पहले दिन उमड़ी भीड़

हनुमानगढ़ जंक्शन स्थित दुर्गा मंदिर धर्मशाला में सोमवार को 10 दिवसीय निःशुल्क क्षारसूत्र अंतरंग शल्य चिकित्सा शिविर का शुभारंभ हुआ। राष्ट्रीय आयुष मिशन और आयुर्वेद विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह शिविर आगामी 7 जनवरी तक चलेगा। उद्घाटन के पहले दिन बड़ी संख्या में मरीज और नागरिक शिविर में पहुंचे। आयुर्वेद उपनिदेशक डॉ. तीर्थ शर्मा ने बताया कि शिविर में क्षारसूत्र पद्धति से बवासीर, भगंदर और फिशर जैसी बीमारियों का उपचार किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सामान्य रोगों के लिए रोजाना ओपीडी भी संचालित की जा रही है। योगाभ्यास भी कराया जा रहा
डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि भर्ती होने वाले मरीजों को जांच, ऑपरेशन, दवाइयां, भोजन, बेड-बिस्तर और उपचार के बाद फॉलोअप की सुविधा पूरी तरह निःशुल्क मिलेगी। पंजीकरण के लिए आधार कार्ड अनिवार्य है। शिविर में सुबह 7 से 8 बजे तक योगाभ्यास कराया जा रहा है, जबकि ओपीडी सेवाएं सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक उपलब्ध रहेंगी। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सुवर्णप्राशन दिया जा रहा
डॉ. कुलदीप ने जानकारी दी कि शिविर में 14 वर्ष तक के बच्चों को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए सुवर्णप्राशन दिया जा रहा है। अग्निकर्म और विद्धकर्म पद्धति से सर्वाइकल, माइग्रेन सहित अन्य रोगों का बिना दर्द उपचार भी किया जा रहा है। शिविर परिसर में अंकुरित आहार और आयुर्वेदिक काढ़ा वितरित किया गया, साथ ही पेड़-पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है। शिविर के माध्यम से नागरिकों को प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आयुर्वेद अपनाकर दवा रहित जीवनशैली जीने की जानकारी दी जा रही है। सर्दी के मौसम में स्वस्थ रहने के लिए उचित आहार और दिनचर्या पर भी मार्गदर्शन प्रदान किया जा रहा है। अतिथियों और चिकित्सकों ने आमजन से आयुर्वेद और योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने की अपील की। डॉ. तीर्थ शर्मा ने जोर देकर कहा कि प्रदूषण और तनाव के इस दौर में आयुर्वेदिक पद्धतियां स्वास्थ्य रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

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