हनुमानगढ़, पीलीबंगा तहसील की ग्राम पंचायत खरलिया के गांव थिराजवाला में ग्रामीणों ने पंचायत भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर शुक्रवार को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत प्रशासक की मिलीभगत से 100 साल पुराने जोहड़ पर कब्जा किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों ने थिराजवाला गांव के 100 वर्ष पुराने जोहड़ में मिट्टी डालकर उस पर कब्जा कर लिया है। यह जोहड़ पूरे गांव के पानी की निकासी का एकमात्र स्रोत है। जल संसाधन विभाग द्वारा इस जोहड़ के लिए एक घंटे की पानी की बारी भी निर्धारित है, जो आज भी जारी है। जोहड़ पर अतिक्रमण के कारण पिछले दिनों हुई भारी बारिश के दौरान गांव में जलभराव की स्थिति बन गई थी। पानी की निकासी के लिए चार बार अलग-अलग गलियों से रास्ता बनाना पड़ा, जिससे गांव के कच्चे और पक्के मकानों को भारी नुकसान हुआ। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को लगातार अवगत कराने के बावजूद अतिक्रमण जारी है। अतिक्रमणकारी ग्राम पंचायत प्रशासक की मिलीभगत का दावा करते हुए अपना पट्टा बना होने की बात कह रहे हैं, जबकि पंचायत रिकॉर्ड में ऐसी किसी भूमि का कोई पट्टा नहीं बना है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जोहड़ की भूमि पर 1962 से लेकर आज तक बने सभी कथित फर्जी पट्टों की जांच की जाए। उन्होंने इसमें संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई कर सरकारी भूमि से कब्जा हटाने और इसे पंचायत को सौंपने की अपील की। इस मौके पर महावीर, अमित कुमार, गंगाराम, राकेश, राजेश कुमार, भूराराम और श्रवण कुमार सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


