नागौर सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के लगातार प्रयासों का असर अब ज़मीनी स्तर पर दिखाई देने लगा है। डेगाना क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़े टंगस्टन खनन और संभावित लिथियम भंडारों की खोज को नई गति मिलने जा रही है। केंद्र सरकार ने डेगाना टंगस्टन-लिथियम एवं संबंधित खनिज ब्लॉक की नीलामी के लिए निविदा आमंत्रण सूचना (NIT) जारी कर दी है। 16 सितंबर को जारी की गई NIT केंद्रीय खनन नीति के तहत डेगाना ब्लॉक को भी अब ई-नीलामी के दायरे में लाया गया है। लोकसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान सांसद बेनीवाल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री किशन रेड्डी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉक की नीलामी के लिए 16 सितंबर 2025 को निविदा सूचना (NIT) जारी कर दी है, जिसे क्षेत्र के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। राजस्थान में खनिज खोज के काम में आई तेज़ी केंद्रीय मंत्री ने संसद में बताया कि वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने राजस्थान में 273 नई खनन परियोजनाएं शुरू की हैं। इन परियोजनाओं में सोना, चूना पत्थर, दुर्लभ मृदा तत्व (REE), निकल, टंगस्टन, पोटाश और मैंगनीज जैसे प्रमुख खनिजों की खोज शामिल है। एमएमडीआर संशोधन अधिनियम, 2015 लागू होने के बाद से राज्य में लिथियम, टंगस्टन और चांदी सहित कई खनिजों के भंडारों की पहचान और उनकी मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण खनिजों के लिए वर्ष 2025 में पांचवें और छठे चरण की ई-नीलामी संबंधी अधिसूचनाएं भी जारी की हैं। “हर सत्र में आवाज़ उठाई, अब डेगाना को मिलेगा न्याय” सांसद हनुमान बेनीवाल ने सरकार के इस कदम पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि डेगाना में बंद पड़ी खदानों को फिर से शुरू करवाने के लिए वह लगातार केंद्र सरकार से मांग करते रहे हैं। बेनीवाल ने कहा, “मैंने हर सत्र में डेगाना के खनन पुनरुद्धार की बात मजबूती से उठाई। अब सरकार ने NIT जारी कर दी है, जिससे जिले के विकास और युवाओं के लिए रोज़गार की संभावनाएं बढ़ेंगी।” उन्होंने उम्मीद जताई कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद डेगाना खनन क्षेत्र एक बार फिर सक्रिय होगा और नागौर जिले में औद्योगिक गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी।


