हमारे सफर को सुगम बनाने वाली खबर:दुर्गापुरा सहित प्रदेश के 69 छोटे रेलवे स्टेशन री-डवपल होंगे, सुविधाएं बढ़ेंगी

हवाई यात्रियों को एयरपोर्ट पर कई सौगात मिलेंगी। एयरपोर्ट पर जहां मौजूदा टर्मिनल में प्रवेश से लेकर निकास तक की प्रक्रिया में बदलाव होंगे। वहीं, टर्मिनल-2 बिल्डिंग में नए विकास कार्य किए जाएंगे। इस साल टर्मिनल-3 का निर्माण कार्य भी शुरू होने की संभावना है। नया टर्मिनल भवन करीब डेढ़ लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसकी कुल यात्री क्षमता सालाना 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। वहीं अभी टर्मिनल-3 के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। निर्माण पर करीब 2191 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। टर्मिनल-2 पर करीब 262 करोड़ की लागत से विस्तार होंगे। भवन का इलाका बढ़ाकर यात्री क्षमता और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। टर्मिनल-2 का विस्तार होगा, एंट्री और एग्जिट गेट बदलेंगे जयपुर-सवाईमाधोपुर दोहरीकरण काम में दुर्गापुरा, शिवदासपुरा, वनस्थली निवाई सहित 10 स्टेशन बनाए जाएंगे। प्रत्येक स्टेशन पर 4 से 4.50 करोड़ रुपए तक खर्च होंगे। जीएम अमिताभ, सीएओ (सी) वेदप्रकाश और प्रिंसिपल सीई जीएल गोयल इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं। स्टेशन री-डवलपमेंट स्कीम, अमृत भारत स्टेशन स्कीम के बाद अब रेलवे छोटे रोड साइड स्टेशनों की सुध ले रहा है। यानी अब देशभर के न सिर्फ बड़े बल्कि छोटे स्टेशनों पर भी यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रेलवे बोर्ड के ईडी (टीएंडपी) वीणा कुमार वर्मा और डायरेक्टर (ट्रांसफॉर्मेशन) अंबर प्रताप सिंह ने सभी जोनल रेलवेज को इसके निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें कहा गया है कि आरडीएसओ द्वारा सभी छोटे रोड साइड स्टेशनों और आने वाले समय में बनने वाले स्टेशनों की बिल्डिंग के लिए ‘स्टैंडर्ड ले आउट प्लान’ तैयार किया गया है। इसके तहत स्टेशन ऑपरेशन सेंटर (एसओसी), स्टाफ और यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सीकर लाइन स्थित रींगस के पास धार्मिक स्थल खाटू श्यामजी में नया स्टेशन बनाया जाएगा। बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर की बिल्डिंग बनेगी रेलवे के सीपीआरओ कैप्टन शशि किरण के अनुसार छोटे रेलवे स्टेशनों के स्टेशन मास्टर ऑफिस में जगह कम होती है। इसे बड़ा करने की आवश्यकता है। ऐसे में रेलवे बोर्ड और आरडीएसओ द्वारा एक ‘स्टैंडर्ड ले-आउट प्लान’ बनाया गया है। देश के सभी रोड साइड स्टेशन इसी तरह से बनाए जाएंगे। छोटे स्टेशनों पर जरूरत के हिसाब से एक या दो मंजिला स्टेशन बिल्डिंग बनाई जाएगी। स्टेशन के दोनों तरफ प्रवेश द्वार, बीच में स्टेशन मास्टर ऑफिस, रिकॉर्ड रूम और उपकरण कक्ष बनाए जाएंगे। विभिन्न विभागों जैसे इलेक्ट्रिक, एसएंडटी, ऑपरेटिंग आदि के लिए अलग-अलग रूम बनाए जाएंगे। यात्री सुविधा, पीआरएस-यूटीएस काउंटर, कॉनकोर्स कम बुकिंग हॉल, वेटिंग एरिया, टॉयलेट बनाए जाएंगे। इस योजना में राजस्थान (उप रेलवे) के 69 नए स्टेशनों को शामिल किया जाएगा। इन स्टेशनों पर बेसमेंट, ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर की बिल्डिंग बनाई जाएगी। वहीं महिला-पुरुष कर्मचारियों के लिए अलग-अलग रेस्ट रूम बनेंगे। स्टेशन मास्टर पैनल रूम (एसओसी) में एसी होंगे। टर्मिलन-2 में ये बदलाव टर्मिनल-2 का विस्तार होगा, एंट्री और एग्जिट गेट बदलेंगे हवाई यात्रियों को एयरपोर्ट पर कई सौगात मिलेंगी। एयरपोर्ट पर जहां मौजूदा टर्मिनल में प्रवेश से लेकर निकास तक की प्रक्रिया में बदलाव होंगे। वहीं, टर्मिनल-2 बिल्डिंग में नए विकास कार्य किए जाएंगे। इस साल टर्मिनल-3 का निर्माण कार्य भी शुरू होने की संभावना है। नया टर्मिनल भवन करीब डेढ़ लाख वर्गमीटर क्षेत्रफल में बनाया जाना प्रस्तावित है। इसकी कुल यात्री क्षमता सालाना 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। वहीं अभी टर्मिनल-3 के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। निर्माण पर करीब 2191 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है। टर्मिनल-2 पर करीब 262 करोड़ की लागत से विस्तार होंगे। भवन का इलाका बढ़ाकर यात्री क्षमता और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। टर्मिलन-2 में ये बदलाव

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