कोरबा| इंडस पब्लिक स्कूल दीपका में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना की गई। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत विभागाध्यक्ष योगेश शुक्ला ने किया। उन्होंने वसंत पंचमी से संबंधित पौराणिक कथाओं का जिक्र कर छात्रों के ज्ञान में वृद्धि की। कार्यक्रम की शुरूआत मां सरस्वती की स्तुति के साथ हुई। प्राचार्य डॉ. संजय गुप्ता ने बसंत ऋतु को ऋतुओं का राजा बताया। उन्होंने कहा कि इस समय प्रकृति अपने पूरी गरिमा में होती है। बसंत पंचमी का त्यौहार केवल प्रकृति का उत्सव नहीं है, बल्कि यह ज्ञान और विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा का भी दिन है। यह सिखाता है कि हमें अपने जीवन में संतुलन बनाए रखना चाहिए। जिस तरह वसंत ऋतु में प्रकृति का हर पहलु सुंदर और संतुलित होता है। शैक्षणिक समन्वयक (प्राइमरी एवं प्री प्राइमरी) सोमा सरकार ने कहा कि हम वसंत पंचमी या श्रीपंचमी के नाम से भी जानते हैं। यह एक हिन्दू त्यौहार है इस दिन संगीत व विद्या की देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। सव्यसाची सरकार ने कहा कि मां सरस्वती विद्या और ज्ञान की अधिष्ठाती देवी हैं। हिंदी विभागाध्यक्ष हेमलाल श्रीवास ने कहा कि ब्रह्मा जी ने उन्हें वाणी की देवी सरस्वती नाम दिया। इसके अलावा देवी सरस्वती को बागीश्वरी, भगवती, शारदा, वीणावादनी और वाग्देवी तथा अन्य नामों से भी जाना जाता है।


